गोंदिया ग्राम पंचायतों (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Rural Development Department: गोंदिया जिले की 188 ग्रापं का कार्यकाल खत्म हो गया है। सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने 21 फरवरी को मौजूदा सरपंचों को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश दिया था। लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी जिप ने अभी तक आदेश जारी नहीं किए हैं। इस वजह से प्रशासक के बिना ग्रामीण इलाकों में लोगों के काम में रुकावट आ रही है।
ग्रापं में प्रमाणपत्र बांटने और आर्थिक लेन-देन का काम रुक गया है, और लोगों के काम में रुकावट आ रही है। लोग ग्रापं आते हैं और बिना काम के लौट जाते हैं। राज्य सरकार ने कार्यकाल खत्म हो चुकी ग्रापं में प्रशासक की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर एक अहम फैसला लिया है। 20 फरवरी प्रसारित हुए असाधारण राजपत्र के अनुसार कार्यकाल खत्म हो चुकी ग्रापं का अब विस्तार
अधिकारी को नहीं, बल्कि मौजूदा सरपंच को ही प्रशासक नियुक्त करने के आदेश दिए गए थे। इस फैसले से जिले की 188 ग्रापं का प्रशासक फिर से सरपंचों को सौंपा जाना था। लेकिन, उस आदेश पर अभी तक अमल नहीं होने से ग्राम सभाओं का कामकाज ठप हो गया है।
महाराष्ट्र ग्राम पंचायत एक्ट, 1959 के सेक्शन 151 के तहत, मौजूदा सरपंच को छह महीने के लिए या चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक कार्यकाल खत्म हो चुकी ग्रापं का प्रशायक नियुक्त किया जाएगा। इसने गांव को आसानी से चलाने के लिए न सिर्फ सरपंच बल्कि मौजूदा उप सरपंच और दूसरे सदस्यों वाली एक ‘प्रशासकीय कमेटी’ बनाने का भी निर्देश दिया।
राज्य सरकार ने यह अधिकार जिप सीईओ को दिया। उन्हें इस प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का आदेश दिया गया। इसमें गोंदिया जिले की वे ग्रापं भी शामिल हैं जिनका कार्यकाल जनवरी और दिसंबर 2026 के बीच खत्म हो रहा है। गांववालों ने सवाल उठाया है कि जिला प्रशासन इस नए प्रशासक को नियुक्त करने का आदेश कब जारी करेगा।
राज्य में कई ग्रापं के चुनाव प्रशासकीय दिक्कली की वजह से समय पर नहीं हो पाए, ऐसे में, गांवों में विकास का काम न रुके और स्थायी अनुभवी नेतृत्व का फायदा मिले, यह पक्का करने के मकसद से ग्राम विकास विभाग ने राज्यपाल के आदेश के मुताबिक यह अहम बदलाव किया। इस फैसले से स्थानीय स्वराज्य संस्था में लोकतंत्र बना रहेगा, आदेश जारी न होने से सरपंच और ग्रापं पदाधिकारियों में नाराजगी है और सरपंच संगठन बेचैन हो गए है। पदाधिकारियों में भ्रम होने लगा है।
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जिप सीईओ मुरुगानंथम ने बताया की सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए है कि जिन ग्रापं का कार्यकाल खत्म हो गया है, वहां मौजूदा सरपंच प्रशासक के तौर पर काम करेंगे। जल्द ही सरपंचों को प्रशासक के तौर पर आदेश दिए जाएंगे, प्रशासक नियुक्ति के लिए फाइल पर अंतिम हस्ताक्षर बाकी है। यह जल्द ही हो जाएगा।
| तहसील | ग्रापं की संख्या |
| गोंदिया | 37 |
| देवरी | 29 |
| अर्जुनी मोरगांव | 28 |
| गोरेगांव | 25 |
| आमगांव | 22 |
| सड़क अर्जुनी | 19 |
| तिरोड़ा | 19 |