शिवसेना नेता दीपक केसरकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Deepak Kesarkar Statement: महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव के दौरान महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष जहां सत्ता पक्ष पर सवाल उठा रहा है, वहीं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता दीपक केसरकर ने आरोपों पर करारा पलटवार किया है।
महानगरपालिका चुनाव में महायुति के 68 नगरसेवकों के निर्विरोध चुने जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ता के दबाव में यह स्थिति बनी है।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता दीपक केसरकर ने कहा कि विपक्ष दोहरे मापदंड अपना रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे विधान परिषद के लिए निर्विरोध चुने गए थे, तब किसी को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन आज जब हमारे उम्मीदवार महानगरपालिका चुनाव में निर्विरोध चुने गए हैं, तो ठाकरे गुट हंगामा कर रहा है।”
केसरकर ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता महाराष्ट्र की छवि खराब करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, “उनके पास विकास से जुड़े कोई मुद्दे नहीं हैं। इसलिए वे लगातार भ्रामक और गैर-जरूरी बयान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाइना एन.सी. भी मौजूद रहीं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के बयानों पर निशाना साधते हुए केसरकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। महापुरुषों के नाम पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उससे लगता है कि संजय राउत की तबीयत अभी भी ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि राउत को दोबारा जांच करानी चाहिए, ताकि वे इस तरह की “बहकी-बहकी बातें” करना बंद करें।
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केसरकर ने दावा किया कि जनता का पूरा विश्वास महायुति पर है और इसी भरोसे का परिणाम है कि उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए।