महाराष्ट्र के हर तहसील में ‘छत्रपती शिवाजी महाराजस्व समाधान शिविर’, राजस्व सेवाएं पहुंचेंगी घर-द्वार
Maharashtra Government हर तहसील में ‘छत्रपती शिवाजी महाराजस्व समाधान शिविर’ लगाएगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मार्च से मई तक तय कार्यक्रम के तहत नागरिकों को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Revenue Camp Initiative: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की आम जनता को सरकारी सेवाओं का त्वरित लाभ पहुंचाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानमंडल में घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के प्रत्येक तहसील में ‘छत्रपती शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राजस्व प्रशासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना है।
प्रत्येक तहसील में छह शिविर
बावनकुले ने कहा कि अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत समय सारणी तैयार की गई है। इसके तहत प्रत्येक तहसील में कुल छह शिविर लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ मिल सके।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई के कफ परेड स्थित कवल मेंशन की पहली मंजिल पर उठी आग की लपटें, सुरक्षित निकाले गए लोग
पुणे जहरीली शराब कांड: भिवंडी से 5,929 किलो मेथनॉल जब्त, एफडीए ने गोदाम किया सील
मुंबई में CNG महंगी होते ही स्टेशनों पर लगी लंबी कतारें, ऑटो-टैक्सी किराया बढ़ने के संकेत
एमबीपीटी भूमि विवाद पर फैसले का इंतजार, लाखों लोगों की जिंदगी और कारोबार दांव पर
तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजन
तहसील के दो राजस्व मंडलों के लिए 7 मार्च और 14 मार्च को शिविर आयोजित किए जाएंगे। अगले दो मंडलों के लिए 10 अप्रैल और 17 अप्रैल की तारीख तय की गई है। वहीं नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर 8 मई और 15 मई को दो विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिकों को राजस्व विभाग से संबंधित सेवाओं और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।
ये भी पढ़ें :- मिडिल ईस्ट संकट का भारत पर दिखा असर, मुंबई एयरपोर्ट से कई उड़ानें रद्द; यात्रियों को अलर्ट जारी
त्वरित लाभ देने पर जोर
सरकार का उद्देश्य है कि शिविर के दिन ही अधिकतम मामलों का निपटारा किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस पहल से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा और पारदर्शिता के साथ सेवा वितरण को गति मिलेगी।
