

Nagpur Self Enumeration: देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना प्रक्रिया के तहत नागपुर शहर में 1 मई से डिजिटल जनगणना को शुरुआत हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महापौर नीता ठाकरे ने स्वयं स्व-गणना कर नागरिकों से भी इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उनके साथ उपमहापौर लीला हाथीबेड, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर तथा मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर सहित सभी जोन सभापतियों ने डिजिटल माध्यम से स्व-गणना कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
नागरिक नागपुर महानगर पालिका क्षेत्र में यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल पद्धति से आयोजित की जा रही है। पहले चरण में 1 मई से 15 मई तक नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का अवसर दिया गया है। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर 'एचएलओ एप' (हाउस लिस्टिंग आप्रेशन एप्लीकेशन) के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। मनपा आयुक्त डॉ. इटनकर ने सभी शासकीय कार्यालय प्रमुखों से अपील की है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें और राष्ट्रीय विकास के इस कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करें।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार नागपुर की जनसंख्या 24 लाख 5 हजार 665 थी। इसमे 12 लाख 25 हजार 405 पुरुष तथा 11 लाख 80 हजार 260 महिलाएं शामिल थी। 16वी राष्ट्रीय जनगणना के लिए सगपुर महानगर पालिका क्षेत्र में 4500 प्रगणक और 700 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। प्रत्येक प्रगणक को लगभग 800 नागरिकों की जानकारी एकत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नागरिकों को अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने के लिए se.census.gov.in पोर्टल का उपयोग करना होगा, मौबाइल की तुलना में कप्यूटर से प्रक्रिया पूरी करना अधिक सुविधाजनक बताया गया।
पोर्टल पर 16 भाषाओं में जानकारी भरने की सुविधा उपलब्ध है। परिवार प्रमुख द्वारा जानकारी दर्ज करने के बाद 11 अंकों का 'एसई आईडी' तैयार होगा, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
प्रगणक के घर आने पर यह आईडी दिखाना आवश्यक सोगा, जनगणना के दौरान घर की स्थिति, निर्माण सामग्री, परिवार की संस्वना और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े कुल 33 प्रान पूछे जाएंगे।
इनमें मकान की स्थिति, कमरों की संख्यार, पेयजल सोत, बिजली, शौचालय, स्नानगृह, रसोईघर, एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन तथा उपयोग किए जाने वाले मुख्य ईधन संबंधी जानकारी शामिल रहेंगी।