

BJP Reaction On West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनाव का मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बढ़त दिखाई दी, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह अनुमान लगाया कि यह पहली बार होगा जब पार्टी इस राज्य में सरकार बनाएगी; यह राज्य भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि है। खास बात यह है कि भाजपा, भारतीय जनसंघ की राजनीतिक उत्तराधिकारी है।
भाजपा सांसद विनोद तावड़े ने कहा कि बंगाल में भाजपा की जीत देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल में सत्ता बदलने से देश में भी कुछ बदलाव जरूर होंगे। न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने बताया कि तुष्टीकरण की राजनीति के लिए अब कोई जगह नहीं होगी। पश्चिम बंगाल के लोगों ने यह साबित कर दिया है कि झूठे वादों से चुनाव नहीं जीता जा सकता।
विनोद तावड़े ने आगे कहा कि पिछले कई सालों से पश्चिम बंगाल में कोई भी चुनाव बिना किसी हत्या के नहीं हुआ था। लेकिन इस बार ऐसा मुमकिन हो पाया है। मुझे लगता है कि पूरा देश इस बात से खुश है। उन्होंने यह भी कहा कि अब असम, बंगाल और पुडुचेरी के साथ, भाजपा की सरकार 25 राज्यों में होगी। यह 'विकसित भारत 2027' की दिशा में एक अच्छा कदम है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि एनडीए को देश की जनता का आशीर्वाद मिला है। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि लोगों का यह जनादेश पीएम मोदी के लिए है, ताकि वे गरीबों के लिए काम करते रहें और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। 'मां, मानुष और माटी' ने पूरे दिल से पीएम मोदी को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि ममता बनर्जी के शासनकाल में ये तीनों, 'मां, मानुष और माटी', आंसू बहा रहे थे। धरती (माटी) अपने ही बच्चों के खून से लाल हो गई थी। लोग (मानुष) अत्याचार सह रहे थे।
चुघ ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिला जनादेश यह साबित करता है कि पूरा देश पीएम मोदी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यह उन सरकारों को एक जवाब है जो क्रूरता से काम कर रही हैं। देश संविधान के हिसाब से चलेगा, न कि किसी 'जिहादी' सोच के आधार पर। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में कांग्रेस के पीछे रहने का जिक्र करते हुए चुघ ने आगे कहा कि ये नतीजे इस बात का सबूत हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अगले 100 चुनाव भी हारने वाले हैं।