सरकारी अस्पतालों में इलाज रहेगा पूरी तरह मुफ्त, स्वास्थ्य विभाग ने शुल्क की खबरों को बताया भ्रम
Maharashtra Government Hospital: महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच पूरी तरह मुफ्त है। सिटीजन चार्टर की तकनीकी गलती से फैला शुल्क का भ्रम अब दूर किया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
Health Department Clarification On Free Treatment: राज्य के स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में आने वाले सभी सरकारी अस्पतालों में आम नागरिकों के लिए जांच और इलाज की सुविधाएं पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में किसी भी प्रकार का शुल्क लेने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
नवभारत में प्रकाशित खबर का असर
बता दें कि 8 फरवरी के मुंबई प्लस संस्करण में सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर अस्पतालों में सरकार का यू-टर्न, नई दरें लागू शीर्षक अंतर्गत प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी।
इस पर संज्ञान लेते हुए सोमवार को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि, 23 अगस्त 2023 को जारी सरकारी फैसले के तहत यह तय किया गया था कि सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जांच और इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था आज भी पूरी तरह लागू है।
सम्बंधित ख़बरें
बदलापुर जिमखाना में शुरू हुआ राज्य स्तरीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट, बनाया जाएगा इनडोर स्टेडियम
खरात प्रकरण में रुपाली चाकणकर को गिरफ्तार किया जाए, कांग्रेस की महिला प्रदेशाध्यक्ष सव्वालाखे की मांग
ACB के शिकंजे में अपर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर , 22,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
भंडारा पुलिस की अवैध शराब अड्डों पर छापेमारी, विशेष अभियान के तहत हजारों रुपये की शराब जब्त
विभाग ने स्वीकारा चूक के कारण ही बनी भ्रम की स्थिति
हालांकि, विभाग ने यह भी स्वीकार किया कि 6 जून 2015 के एक पुराने सरकारी फैसले के तहत तय की गई कुछ सेवा दरें गलती से 16 जनवरी 2026 को प्रकाशित किए गए सिटीजन चार्टर (नागरिकों के सनद) के परिशिष्ट-3 में शामिल हो गई थीं। इससे यह भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी कि सरकारी अस्पतालों में कुछ सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है।
ये भी पढ़ें :- महाराष्ट्र में खत्म हुई मुफ्त इलाज योजना? सरकारी अस्पतालों में फिर लागू हुआ शुल्क, मरीजों पर बढ़ेगा बोझ
स्वास्थ्य विभाग ने 9 फरवरी को जारी किया संशोधन आदेश
- इस तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटि को दूर करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 9 फरवरी 2026 को एक संशोधन आदेश जारी किया, जिसके तहत नागरिको के सनद से परिशिष्ट-3 को पूरी तरह हटा दिया गया है। विभाग ने दोहराया कि चूंकि उसके नियंत्रण में आने वाले सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज पहले से ही मुफ्त है, इसलिए किसी भी तरह की दर सूची लागू करने का सवाल ही नहीं उठता।
- स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी सरकारी अस्पताल में उनसे शुल्क मांगा जाता है, तो इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें।
