ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों पर सरकार सख्त, मनमाने किराए और राइड कैंसिलेशन की होगी जांच
Maharashtra Government Probes: मनमाना किराया वसूली और बिना वजह राइड रद्द करने की बढ़ती शिकायतों के बाद महाराष्ट्र सरकार ने ऐप-आधारित टैक्सी कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच के निर्देश दिए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
डॉ श्रीकांत एकनाथ शिंदे (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Government Probes News: राज्य सरकार ने ऐप-आधारित टैक्सी सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने, अतिरिक्त टिप की मांग करने और बिना कारण यात्रा रद्द करने जैसी बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार ने संबंधित कंपनियों की कार्यप्रणाली की जांच के निर्देश दिए हैं।
यह मामला तब चर्चा में आया जब कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे ने यात्रियों के शोषण का मुद्दा सरकार के समक्ष उठाया। शिंदे ने कहा कि राज्य के विभिन्न शहरों, विशेषकर मुंबई महानगर क्षेत्र में, ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव
यात्रियों की शिकायत है कि चालक निर्धारित किराए से अधिक राशि की मांग करते हैं, अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बनाते हैं और कई बार बुकिंग स्वीकार करने के बाद अंतिम समय में यात्रा रद्द कर देते हैं।
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इससे यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने परिवहन विभाग को स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक नियामकीय कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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परिवहन विभाग शिकायतों का कर रहा परीक्षण
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों के संचालन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की जा सके, परिवहन विभाग अब विभिन्न शिकायतों का परीक्षण कर रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना पर विचार कर रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा, उचित किराया व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण सेवा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
