Employees Strike: लंबित मांगों को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा आंदोलन, प्रभावित हो सकते हैं स्कूल-अस्पताल
Employees Strike: महाराष्ट्र में 21 अप्रैल से 17 लाख सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं। लंबित मांगों को लेकर यह फैसला लिया गया है, जिससे स्कूल और अस्पताल प्रभावित होने की आशंका है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कर्मचारी हड़ताल (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Employees Strike Alert: महाराष्ट्र में सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 21 अप्रैल से राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो लगभग 17 लाख कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।प्रस्तावित हड़ताल के चलते राज्य के सरकारी कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।
इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर पड़ सकता है। खासतौर पर स्कूलों में परीक्षा कार्यक्रम पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है, जिससे छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Ashok Kharat Case: डिलीट डेटा रिकवर, SIT-ED जांच में बढ़ी मुश्किलें, 500 करोड़ की संपत्ति पर शक
Maharashtra Heatwave Alert 2026: विदर्भ में 44°C पार, सरकार ने बदले काम के घंटे
‘तीसरी मुंबई’ की ओर बढ़ा कदम; रायगढ़ में 216 एकड़ भूमि का अधिग्रहण, एमएमआरडीए के सहभागी मॉडल को मिली सफलता
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट, जानें क्या है मामला
लंबे समय से लंबित हैं मांगें
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से संपर्क में हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण संगठनों में नाराजगी बढ़ी है और उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना है।
प्रमुख मांगों की सूची
- कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सुधारित राष्ट्रीय पेंशन योजना की अधिसूचना जारी करना शामिल है। इसके अलावा पेंशन की आयु 60 वर्ष करने, रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने और 10, 20 व 30 वर्षों के लाभ से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग की गई है।
- साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और वाहन चालकों की भर्ती पर लगी रोक हटाने तथा संविदा कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की भी मांग उठाई गई है।
ये भी पढ़ें :- Ashok Kharat Case: डिलीट डेटा रिकवर, SIT-ED जांच में बढ़ी मुश्किलें, 500 करोड़ की संपत्ति पर शक
सरकार के रुख पर टिकी नजरें
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार के साथ बातचीत सफल नहीं होती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि हड़ताल टलेगी या राज्य में बड़े स्तर पर सेवाएं प्रभावित होंगी।
