महाराष्ट्र विधानसभा में CM फडणवीस का बड़ा एलान, जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून जल्द, बाल अपराध की उम्र 16 वर्ष
Mumbai News: महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। सरकार बाल अपराधियों की उम्र 18 से घटाकर 16 करने पर विचार कर रही है।
- Written By: रूपम सिंह
सीएम देवेंद्र फडणवीस (फोटो.सोशल मीडिया)
Anti Conversion Bill Maharashtra Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि विधानसभा से पूर्व में पारित धर्मातरण विरोधी विधेयक एक खास कानूनी ढांचा देगा। उन्होंने कहा कि जबरन धर्मांतरण के मामलों से असरदार ढंग से निपटने के लिए बीएनएस के मौजूदा प्रावधान नाकाफी हैं। विधानसभा में एक सवाल पर फडणवीस ने कहा कि इस कानून को लागू करने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार है। गृह विभाग का कार्यभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा, ”राज्य विधानसभा द्वारा पारित धर्मांतरण-विरोधी कानून जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के मामलों से निपटने के लिए एक खास कानूनी ढांचा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान अधिनियम को और सख्त बनाया है, जिसके तहत धर्मांतरण सहित अवैध गतिविधियों के लिए विदेशी धन का दुरुपयोग करने वाली संस्थाओं के लाइसेंस रद्द कर दिए जाते हैं।
पुलिस ऐसी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करेगी तथा केवल दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी। किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को फंसाया नहीं जाएगा। प्रस्तावित कानून से जबरन धर्मांतरण के मामलों से निपटने की राज्य की क्षमता मजबूत होगी। धर्म की स्वतंत्रता विधेयक में जबरदस्ती, धोखाधड़ी, प्रलोभन से शादी धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कड़े प्रावधान हैं। शादी के बहाने गैर-कानूनी तरीके से धर्मांतरण कराने वालों को सात साल की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
लोन से लेकर डिपॉजिट तक में खेल! ऑडिट में खुली पोल, चंद्रपुर की पतसंस्था में ढाई करोड़ का गबन
‘रात तक साथ थे, सुबह बदल गया फैसला’, सचिन अहिर शिंदे गुट में शामिल; सुनील शिंदे ने नेतृत्व पर उठाए सवाल
अमरावती में मूसलाधार आफत: मेघा नदी उफान पर, शिरजगांव कसबा के बाजारों और घरों में घुसा बाढ़ का पानी
महाराष्ट्र में लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर सख्त कार्रवाई, फडणवीस बोले-जल्द बनेगी पुलिस की स्पेशल टीम
रिकॉर्डेड संगीत पर नृत्य की इजाजत नहीं
सीएम देवेंद्र ने यह भी बताया कि ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में रिकॉर्डेड संगीत पर नृत्य के एक भी लाइसेंस को मंजूरी नहीं दी गई है। जनवरी से 12 जून 2026 के बीच नियम उल्लंघन के 18 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से नौ में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है।
बाल अपराध में उम्र 18 से घटाकर 16 वर्ष करेंगे
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में जानकारी दी कि बाल अपराधियों की उम्र को 18 से 16 वर्ष करने पर सरकार विचार कर रही है और इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
- उन्होंने कहा कि बच्चों का अपराधों और मादक पदार्थों की तस्करी में उपयोग किए जाने के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में मदद मिले, इस उद्देश्य से कानून में आवश्यक बदलाव किया जाएगा।
- जालना जिले में बढ़ते बाल अपराधों और नाबालिगों का अपराधों की ओर बढ़ते कदमों को लेकर अर्जुन खोतकर ने सवाल किया था। सुधीर मुनगंटीवर भी चर्चा में शामिल थे।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि जालना की 8 वारदातें व्यक्तिगत स्वरूप की हैं लेकिन देखा गया है कि कड़े टोलियां अपराधों के लिए बच्चों का उपयोग करती है।
आर्केस्ट्रा की आड़ में चलने वाले डांस बार पर नजर
राज्य में डांस बार पर नियंत्रण रखने वाले मौजूदा कानून की खामियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम में संशोधन करेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में दी। संशोधन के बाद डांस बार चलाने के लिए महाराष्ट्र डांस बार कानून के तहत ही लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इससे पुलिस कानून के तहत केवल परफॉर्मिंग लाइसेंस लेकर डांस बार चलाने की प्रथा बंद होगी।
यह भी पढ़ें:- ‘रात तक साथ थे, सुबह बदल गया फैसला’, सचिन अहिर शिंदे गुट में शामिल; सुनील शिंदे ने नेतृत्व पर उठाए सवाल
ठाणे जिले में देर रात तक चलने वाले ऑर्केस्ट्रा बार से जुड़े सदस्य नाना पटोले के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि डांस बार पर कई पाबंदियां होने के बावजूद कुछ प्रतिष्ठान पुलिस कानून के तहत परफॉर्मिंग लाइसेंस लेकर असल में डांस बार चला रहे हैं। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए पुलिस कानून में संशोधन किया जा रहा है, जिसके बाद डांस बार चलाने वाले सभी प्रतिष्ठानों को डांस बार कानून की सभी शर्तों व पाबंदियों का पालन करना अनिवार्य होगा।
बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस होगा रद्द
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। बार-बार नियम तोड़ने या अपराध करने वाले प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव विधि एवं न्याय विभाग को भेजा गया है।
