Maharashtra में कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक बदलाव, 8 हजार नए पदाधिकारियों की होगी नियुक्ति
Maharashtra Congress ने ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर पुनर्गठन शुरू किया है। 8 हजार नए पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और 5 साल पूरे कर चुके जिलाध्यक्षों को हटाकर नए चेहरों को मौका मिलेगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Congress Restructuring Posts: महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी खुद को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एक व्यापक पुनर्गठन अभियान चला रही है।
पार्टी ने इसे ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम का नाम दिया है, जिसके तहत आगामी 2 महीनों के भीतर राज्य में बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठन में नई ऊर्जा फूंकना और आगामी चुनावों के लिए एक सक्षम टीम तैयार करना है। प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के अनुसार, पार्टी ने जिला और तालुका स्तर पर लगभग 8 हजार नए पदाधिकारियों की नियुक्ति करने का लक्ष्य रखा है।
Maharashtra में थे कांग्रेस के 60 जिले
संगठनात्मक दृष्टि से अब तक महाराष्ट्र में कांग्रेस के 60 जिले थे जिनमें से 45 जिलाध्यक्षों को बदलने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, पार्टी ने हाल ही में 12 नए संगठनात्मक जिले भी गठित किए हैं। इस प्रकार, प्रदेश में कुल 57 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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यह कदम पार्टी के भीतर युवाओं और नए चेहरों को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा है। इस पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली से विशेष पर्यवेक्षक महाराष्ट्र भेजे हैं। ये पर्यवेक्षक प्रत्येक जिले का दौरा कर जमीनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
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5 साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अध्यक्षों पर गिरेगी गाज
अखिल भारतीय कांग्रेस ने संगठन में गतिशीलता बनाए रखने के लिए ‘5 साल’ का कड़ा मानदंड निर्धारित किया है। जिन जिलाध्यक्षों का कार्यकाल 5 वर्ष या उससे अधिक हो चुका है, उन्हें अनिवार्य रूप से पदमुक्त किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि लंबे समय से एक ही पद पर बने रहने से संगठन में जड़ता आ जाती है, जिसे दूर करने के लिए अब अनुभवी नेताओं के स्थान पर नए नेतृत्व को कमान सौंपी जाएगी।
