महाराष्ट्र में बनेगा AI का नया आयुक्तालय, महावितरण के हुए दो टुकड़े; कैबिनेट ने 5 बड़े फैसलों पर लगाई मुहर
Maharashtra Cabinet AI Commissionerate: महाराष्ट्र में खुलेगा देश का पहला AI आयुक्तालय! कैबिनेट ने दी 5 बड़े फैसलों को मंजूरी। महावितरण का होगा बंटवारा और आएगा IPO। जानें कैसे बदलेगा प्रशासन।
- Written By: प्रिया जैस
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Cabinet Decisions: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य के तकनीकी और प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने वाले पांच बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में आईटी-एआई विभाग की स्थापना से लेकर महावितरण के पुनर्गठन तक के अहम निर्णय लिए गए, जो ‘विकसित भारत 2047’ की दृष्टि को साकार करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग का गठन कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है।
एआई आयुक्तालय और नया आईटी कैडर
वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय को अब इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आयुक्तालय के रूप में उन्नत किया जाएगा। राज्य सचिवालय, मंत्रालय, आयुक्तालय और जिला स्तर तक एक समर्पित आईटी कैडर की स्थापना की जाएगी, जिसमें 427 आईटी पद और 389 तकनीकी पद सृजित होंगे।
एमआरएसएसी बनेगी कंपनी
महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को सोसायटी से कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत कंपनी में बदलने का निर्णय लिया गया है।
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महाजियोटेक से प्रशासन होगा और स्मार्ट
भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से शासन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महाराष्ट्र जिओटेक्नोलॉजी एप्लिकेशन सेंटर (महाजिओटेक) की स्थापना को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है। इस पहल के लिए 25 करोड़ रुपए की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की गई है।
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आपदा प्रबंधन को विश्व बैंक का सहारा
महाराष्ट्र रेसिलिएस फाइनेसिंग प्रोग्राम (एमआरडीपी) को मंजूरी देते हुए महाराष्ट्र कैबिनेट (Maharashtra Cabinet) ने आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देने का संकल्प लिया है। इस कार्यक्रम को विश्व बैंक से 165 करोड़ रुपए की सहायता प्राप्त होगी।
महावितरण का पुनर्गठन, आएगा आईपीओ
महावितरण को दो भागों में विभाजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने कृषि और गैर-कृषि बिजली वितरण को अलग-अलग कंपनियों के अधीन करने की योजना को मंजूरी दी। कृषि वितरण के लिए एमएसएपीएल कार्य करेगी, जबकि शेष उपभोक्ताओं की सेवा महावितरण करती रहेगी। सरकार पूंजी बाजार में बांड के माध्यम से 32,679 करोड़ रुपए जुटाएगी और कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध भी किया जाएगा।
