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MVA Boycott Tea Party: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। सोमवार, 23 फरवरी 2026 से राज्य विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। यह सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक और भावुक होने वाला है, क्योंकि राज्य के कद्दावर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद यह पहला बड़ा विधायी सत्र है।
सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार शाम को पारंपरिक ‘चाय पार्टी’ का आयोजन किया था। हालांकि, विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) ने एकजुट होकर इस आयोजन का बहिष्कार कर दिया। विपक्ष का तर्क है कि सरकार कई मोर्चों पर विफल रही है, ऐसे में उनके साथ चाय पीना जनता के साथ विश्वासघात होगा। यह पहली बार है जब एमवीए ने इतने कड़े तेवर दिखाते हुए चाय पार्टी से पूरी तरह किनारा किया है। इसके पहले भी कई बार विपक्ष ने फडणवीस सरकार की चाय पार्टी का बहिष्कार किया है।
अजित पवार के निधन के बाद वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद 6 मार्च को राज्य का बजट पेश करेंगे। प्रशासन के मुताबिक, यह सत्र 25 मार्च तक चलेगा, जिसमें राज्य के विकास और आगामी योजनाओं का खाका खींचा जाएगा।
विपक्ष ने इस बार सरकार को घेरने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कई मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। अजित पवार विमान हादसे को लेकर विपक्ष लगातार इस हादसे की निष्पक्ष जांच और उस पर उठ रहे सवालों के जवाब मांग रहा है। लाडकी बहिन योजना पर विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने सूची से लाखों महिलाओं के नाम काट दिए हैं, जिससे जनता में आक्रोश है।
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वहीं बेमौसम बारिश और आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों की पूर्ण कर्ज माफी को लेकर एमवीए आक्रामक रुख अपनाएगी। पूर्व विधायक और प्रहार जनशक्ति पार्टी के मुखिया बच्चू कडू ने कर्जमाफी को लेकर आंदोलन किया था, जिसका असर विधानसभा के बजट सत्र में देखने को मिल सकता है। साथ ही राज्य में बढ़ते अपराध और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की मांग की गई है।
इधर सत्ता पक्ष की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा जाएगा।