Devendra Fadnavis सरकार का बड़ा फैसला, ‘एज्युसिटी’ और ‘मेडिसिटी’ से खुलेगा वैश्विक शिक्षा का रास्ता
Data Center Investment को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों को तुरंत जमीन और बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ‘मेडिसिटी’ परियोजनाओं से राज्य को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की योजना है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुख्यंमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Devendra Fadnavis Maharashtra Data Center Investment Policy: महाराष्ट्र को वैश्विक स्तर पर डेटा स्टोरेज और टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि Data Center Sector में निवेश करने वाली कंपनियों को बिना किसी देरी के जमीन और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
सह्याद्री राज्य अतिथि गृह में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान CM Devendra Fadnavis ने राज्य की प्रगति और विदेशी निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Devendra Fadnavis ने बताया कि वर्तमान में विश्वभर की कई प्रतिष्ठित कंपनियां, विशेष रूप से मध्य पूर्व एशिया के बड़े निवेशक, महाराष्ट्र में अपना आधार स्थापित करने के लिए बेहद उत्सुक हैं।
Transforming Maharashtra’s Healthcare and Education Landscape Chaired a review meeting on the upcoming ‘EduCity’ and ‘MediCity’, in Mumbai 3.0 / Navi Mumbai region, focused on delivering world-class healthcare and educational facilities. Directed departments to expedite land… https://t.co/ZBwpkne4Pj pic.twitter.com/84C5jLzJvH — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 18, 2026
डेटा सेंटर के क्षेत्र में बढ़ते रुझान को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को आदेश दिया है कि जैसे ही निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित हों, वैसे ही संबंधित कंपनियों को तत्काल प्रभाव से जमीन का आवंटन कर दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना स्थापना से संबंधित सभी अनिवार्य कार्यों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि निवेश की प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
बिजली और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता
डेटा सेंटर्स की कार्यप्रणाली के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सबसे अनिवार्य घटक है। इसी को ध्यान में रखते हुए CM Devendra Fadnavis ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन परियोजनाओं के लिए बिजली की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही, सब-स्टेशन के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण भी जल्द से जल्द करने के लिए कहा गया है। बैठक के दौरान सिडको को एक विशेष ‘लैंड बैंक’ विकसित करने का सुझाव दिया गया है।
खुलेंगे वैश्विक शिक्षा के द्वार : CM Devendra Fadnavis
महाराष्ट्र के छात्रों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा के लिए सात समंदर पार जाने की आवश्यकता नहीं होगी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में ‘एज्युसिटी’ (ईडीयू सीआईटीवाई) और ‘मेडिसिटी’ (एमईडीआई सीआईटीवाई) परियोजनाओं के माध्यम से वैश्विक स्तर के शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुनिया के कई प्रतिष्टित विश्वविद्यालय महाराष्ट्र में अपने कैंपस स्थापित करने के लिए बेहद उत्सुक हैं, जो राज्य के शैक्षिक भविष्य के लिए एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा, मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए तत्काल भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, चूंकि वैश्विक स्तर के संस्थान यहां आने को तैयार है, इसलिए भूमि संपादन और अन्य प्रक्रियाओं को निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कोई देरी न हो।
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प्रशासनिक तालमेल और तैयारी
इस बैठक में उद्योग मंत्री डॉ उदय सामंत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। सिडको और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि डेटा सेंटर्स के लिए बुनियादी ढांचा और पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है।
बैठक में महानगर आयुक्त डॉ। संजय मुखर्जी और ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का लक्ष्य है कि पारदर्शी और त्वरित प्रक्रियाओं के माध्यम से महाराष्ट्र को डेटा सेंटर क्षेत्र में दुनिया का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाया जाए।
