10वीं-12वीं के छात्रों के लिए खुशखबरी, बोर्ड परीक्षा में नहीं होंगे फेल! इस नियम से आसान हुई राह
Maharashtra Board Exam: महाराष्ट्र में फरवरी में होने वाली 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का पैटर्न इस बार बेहद आसान किया गया है। त्रिभाषा सूत्र और संयुक्त अंक प्रणाली के कारण फेल होना लगभग नामुमकिन है।
- Written By: आकाश मसने
परीक्षा देते बच्चे (फोटो: AI Generated)
Maharashtra Board Exam Pattern: फरवरी में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों में हलचल शुरू हो गई है। दूसरी सत्र की कक्षाएं 7 नवंबर से शुरू हो चुकी हैं, और जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों और अभिभावकों में बेचैनी बढ़ती जा रही है। लेकिन अब राहत की खबर है कि इस बार फेल होना लगभग नामुमकिन है।
मुख्याध्यापकों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि बोर्ड परीक्षा का डर छोड़ें, तनाव न लें, क्योंकि इस साल बोर्ड ने प्रश्नपत्रों का पैटर्न इतना सरल बनाया है कि थोड़ी मेहनत से हर छात्र आसानी से पास हो सकता है।
इस बार 10वीं कक्षा में त्रिभाषा सूत्र (मराठी, हिंदी, अंग्रेजी) लागू किया गया है। इसके अनुसार, इन तीनों विषयों में कुल 105 अंक प्राप्त करना ही पास होने के लिए पर्याप्त है। अर्थात अगर किसी छात्र को एक विषय में 65 और बाकी दो में केवल 20-20 अंक भी मिलते हैं, तो भी वह पास माना जाएगा।
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बाेर्ड परीक्षा में गणित और विज्ञान के लिए संयुक्त रूप से केवल 70 अंक जरूरी हैं। यानी अब बोर्ड ने विद्यार्थियों को राहत देते हुए फेल होने की संभावना लगभग समाप्त कर दी है।
नया प्रश्नपत्र पैटर्न: आसान
बोर्ड ने इस वर्ष प्रश्नपत्रों का प्रारूप पूरी तरह बदल दिया है। अब प्रश्न इस तरह से बनाए गए हैं कि छात्र सिलेबस समझकर पढ़ें तो निश्चय ही अच्छे अंक ला सकते हैं। मुख्याध्यापकों का कहना है कि यह बदलाव छात्रों को तनावमुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने में मदद करेगा।
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परीक्षा कार्यक्रम
- 12वीं बोर्ड परीक्षा: 10 फरवरी से
- 10वीं बोर्ड परीक्षा: 20 फरवरी से
- प्रायोगिक परीक्षा: लिखित परीक्षा से पहले आयोजित की जाएगी
मुख्याध्यापकों की सलाह
छात्र मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं, विषयवार अध्ययन की समय-सारणी तैयार करें, और रोजाना पुनरावृत्ति करें। तो अच्छे अंक लाना अब कोई मुश्किल बात नहीं। शिक्षकों का कहना है कि इस बार की परीक्षा डर नहीं, भरोसे की परीक्षा होगी।बोर्ड ने सिस्टम को इतना छात्र-हितैषी बनाया है कि अगर छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करें, तो 80% अंक तक लाना भी संभव है।
