गोंदिया की सड़कें बदहाल (सौजन्य-नवभारत)
Potholes Accident Risk Gondia: गोंदिया जिले के सभी आठ तहसीलों के शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में गलियों और सड़कों की खराब स्थिति से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरम्मत न होने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। लेकिन इस ओर जनप्रतिनिधि या अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे आम नागरिकों को इन सड़कों पर अपनी जान हथेली पर रख कर यात्रा करनी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र को शहर से जोड़ने के लिए जिले में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। लेकिन आज भी गोंदिया शहर सहित तहसीलों के ग्रामीण क्षेत्र में सड़के नहीं है। वहीं जो सड़के बनाई गई है, उनकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे राहगिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोंदिया शहर व ग्रामीण क्षेत्र के अनेक मार्ग फिलहाल अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं।
इन मार्गों से वाहन ले जाना वाहन चालकों के लिए सिरदर्द हो गया है। इसके बावजुद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। जिले के सीमेंट मार्ग सहित डामरीकरण वाले मार्ग अब बदहाल अवस्था में पहुंच गए हैं, लेकिन इन मार्गों की मरम्मत नहीं की जा रही है। जिससे ऐसे मार्ग पर दुर्घटना होने की आशंका जताई जा रही है।
ऐसे बदहाल मार्गों पर छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं। इन टूटी सड़कों पर नालियों का पानी बह रहा है, जिससे आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। खराब सड़कों के कारण कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें लोगों को चोटें आई हैं और संपत्ति का नुकसान भी हुआ है। ग्रामीणों ने इस संबंध में कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो सका है।
गोंदिया जिले की अनेक सड़के इस समय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे है। इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे निर्माण हो गए है। रात के समय इन गड्ढों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। यह गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
तिरोड़ा तहसील अंतर्गत घोगरा-पाटिलटोला मोड़ होते हुए येडमाकोट की ओर जाने वाली सड़क की हालत अत्यंत दयनीय हो गई है। इस सड़क पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं और संबंधित विभाग ने इसकी मरम्मत की बिल्कुल भी परवाह नहीं की है। घोगरा-पाटिलटोला-येडमाकोट फाटा रोड की गिट्टी पूरी तरह उखड़ गई है। इतना ही नहीं तो इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र में 700 प्रोफेसर की भर्ती! अनुदानित कॉलेजों में सालों की सूखे की मार खत्म, युवाओं के लिए बड़ा मौका
पाटिलटोला के छात्र इसी सड़क से होकर घोगरा जिला परिषद स्कूल में पढ़ने जाते हैं, और काम के लिए घोगरा आने वाले ग्रामीण भी इसी सड़क का उपयोग करते हैं, लेकिन सड़क उखड़ जाने के कारण उन्हें आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पाटिलटोला को येडमाकोटा (फाटा) से जोड़ने वाली एक सड़क है। येडमाकोटा फाटा में एक यात्री प्रतीक्षालय बनाया गया है।
इसलिए, पाटिलटोला के कई छात्र तिरोडा के कॉलेज में पढ़ने के लिए बस से तुमसर जाते हैं, जबकि कुछ लोग काम के लिए इसी रास्ते से तुमसर और तिरोडा जाते हैं। चूंकि सड़क एक ही है, इसलिए इस मार्ग पर लगातार यातायात रहता है। हालांकि, संबंधित विभाग ने अभी तक इस पर ध्यान नहीं दिया है, इसलिए ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है।