CM फडणवीस का बयान: कम समय में अतिवृष्टि से ड्रेनेज सिस्टम पर पड़ा दबाव, 3 स्कूलों से सुरक्षित निकाले गए छात्र

Nagpur Heavy Rain: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर में कम समय में 110 मिमी और पूरे दिन में 180 मिमी बारिश होने से बादल फटने जैसी स्थिति बनी। निचले इलाकों में जलभराव हुआ।
CM Fadnavis's statement: Heavy rainfall in a short span put pressure on the drainage system; students were safely evacuated from three schools.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर बारिश (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
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Nagpur Flood Update: नागपुर शहर ऑरेंज सिटी में मंगलवार को हुई बारिश अभूतपूर्व प्रकृति की थी। महज एक से सवा घंटे में करीब 110 मिमी बारिश दर्ज की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि इसके चलते कुछ इलाकों में बादल फटने जैसी स्थिति पैदा हो गई और निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर पानी भर गया। एक दिन में शहर में करीब 180 मिमी बारिश हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनमें से 110 मिमी बारिश कम समय में होने के कारण प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा।

भारी बारिश के बीच 3 स्कूलों से छात्रों का सुरक्षित रेस्क्यू

विशेष रूप से निचले इलाकों में पानी घुसने के कारण 3 स्कूलों में बचाव अभियान चलाना पड़ा और सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन ने स्थिति को बहुत अच्छे तरीके से संभाला।

उन्होंने कहा कि कुछ नागरिकों के घरों में पानी घुस जाने और कुछ इलाकों में बड़े पैमाने पर पानी भर जाने से जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गया। अभी भी कुछ जगहों पर पानी जमा है और वहां की स्थिति को सामान्य बनाने का काम चल रहा है।

मौसम में बदलाव चिंताजनक

पालघर, नागपुर और नासिक जैसी जगहों पर कम समय में महीने भर की बारिश होना मौसम में चिंताजनक बदलाव को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था की भी अपनी सीमाएं होती हैं।

पिछले 20 से 25 वर्षों के वर्षा आंकड़ों के आधार पर जल निकासी व्यवस्था तैयार की जाती है। हालांकि ऐसी स्थिति के लिए कोई भी प्रणाली तैयार नहीं होती है जहां एक ही समय में 110 मिमी बारिश हो जाए, इसलिए भविष्य में बदलते मौसम का अध्ययन करके बुनियादी ढांचे की योजना नए सिरे से बनानी होगी, ऐसा मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा।

यह बताते हुए कि कुछ स्थानों पर चल रहे या आधे-अधूरे विकास कार्यों के कारण पानी का प्रवाह बाधित हुआ होगा। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण किसी भी व्यवस्था पर दबाव आना स्वाभाविक है।

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