LPG संकट की आशंका से पैनिक बुकिंग, कंपनियों ने बढ़ाए दाम और 21 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
Middle East में जारी युद्ध के असर से एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ गई हैं। कंपनियों ने पैनिक बुकिंग रोकने के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया है, जिससे घरेलू गैस उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
एलपीजी सप्लाई (सोर्स-सोशल मीडिया)
LPG Price Hike In India News: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते तेल कंपनियों ने जहां 6 मार्च की रात 12 बजे से रसोई गैस के दाम 60 रुपये और व्यवसायिक सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि कर दी, वहीं बुकिंग का लॉक इन पीरियड 21 दिन लागू कर बुकिंग जाम कर दी। यानी उपभोक्ता अब डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेगा।
अचानक गैस बुक नहीं होने से खासकर घरेलू गैस उपभोक्ताओं में खासा हड़कंप मच गया है। लोग लगातार गैस बुक करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आटोमैटिक बुकिंग सिस्टम पर उन्हें तकनीकी खराबी का मैसेज मिल रहा है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के सूत्रों के मुताबिक, युद्ध के चलते देश में गैस का संकट खड़ा हो गया है। आपात आपूर्ति भंडारण ज्यादा दिनों का नहीं है। इधर बुकिंग वाल्यूम तेजी से बढ़ गया है। लोग किल्लत की जानकारी के बीच तनाव में हैं।
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जमाखोरी की आशंका
डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के मुताबिक, बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी की वजह से सप्लाई चेन पर दबाव कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। पैनिक बुकिंग की वजह से कंपनियों ने लॉक इन पीरियड तय किया है, ताकि उपभोक्ता सिलेंडर जमा न करें।
लोग घबराएं नहीं : मुख्यमंत्री
रसोई गैस की किल्लत के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों को आश्वस्त किया है कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपूर्ति और वितरण को केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। स्थिति नियंत्रण में है और सप्लाई चेन को ठीक किया जा रहा है।
बॉटलिंग लड़खड़ाई
एक बड़ी तेल कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल-गैस की कमी होने की खबरों के चलते अचानक बुकिंग बढ़ने से बॉटलिंग ऑपरेशन पर भी असर पड़ने लगा है। अधिकारी ने कहा कि हमारे कुछ बॉटलिंग प्लांट 20% कम कैपेसिटी पर काम कर रहे थे क्योंकि रिफिलिंग के लिए काफी खाली सिलेंडर वापस नहीं आ रहे थे।
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महाराष्ट्र में रोजाना औसतन एलपीजी की मांग लगभग 7 लाख सिलेंडर है। इसमें से, इंडियन ऑयल लगभग 3 लाख सिलेंडर सप्लाई करती है, जबकि बाकी भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड बांटती हैं।
