कॉलेज के ‘भाई’ बने दुश्मन: लॉरेंस-गोल्डी विवाद से गैंग में दो फाड़, अंतरराष्ट्रीय असर
Brar Vs Bishnoi: कभी करीबी रहे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार अब आमने-सामने हैं। अनमोल बिश्नोई के अमेरिकी कानूनी मामले से शुरू हुआ विवाद गैंगवार में बदल गया, जिससे गिरोह दो हिस्सों में बंट गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
गोल्डी बरार Vs लॉरेंस बिश्नोई (सौ. डिजाइन फोटो )
Lawrence Bishnoi Goldy Brar Rivalry News: एक समय कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे को भाई कहकर पुकारने वाले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार अब कट्टर प्रतिद्वंद्वी बन चुके हैं। दोनों के बीच बढ़ी खाई ने न केवल उनके गिरोह को प्रभावित किया है बल्कि आपराधिक जगत में नई हलचल भी पैदा कर दी है।
अनमोल बिश्नोई का मामला बना विवाद की जड़
जानकारी के अनुसार, दरार वर्ष 2025 में सामने आई जब लॉरेंस बिश्नोई को लगा कि गोल्डी बरार ने उनके भाई अनमोल बिश्नोई के अमेरिकी कानूनी मामले को सही तरीके से नहीं संभाला। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया में फर्जी दस्तावेजों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिससे दोनों के संबंधों में तनाव बढ़ने लगा।
प्रत्यर्पण के बाद बढ़ी नाराजगी
लॉरेंस का आरोप था कि अनमोल की जमानत के लिए आवश्यक रकम समय पर नहीं दी गई, जिसके चलते नवंबर 2025 में उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया। फिलहाल अनमोल तिहाड़ जेल में बंद है। इसी घटना के बाद दोनों के बीच विश्वास पूरी तरह टूट गया और विवाद खुलकर सामने आ गया।
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गैंग में फूट और नई रणनीति
इस विवाद का असर गिरोह पर भी पड़ा। कई प्रभावशाली सदस्य, जिनमें रोहित गोदारा जैसे नाम शामिल हैं, गोल्डी बरार के साथ चले गए, जबकि कुछ सदस्य लॉरेंस बिश्नोई के साथ बने रहे। बताया जाता है कि पंजाब के राजपुरा का रहने वाला गोल्डी बरार विदेश में छिपा हुआ है और पहले उसने ही लॉरेंस को गिरोह में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में इस फूट को गैंग की कमजोरी माना जा रहा था, लेकिन अब दोनों गुट अलग-अलग नेटवर्क बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे भविष्य में आपराधिक गतिविधियों का स्वरूप बदल सकता है।
