बजट 2026-27 ‘विकसित भारत’ का रोडमैप, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस; बजट का विजन
Budget 2026 Vision: सीएमआईए में आयोजित सत्र में सीए उमेश शर्मा ने कहा कि बजट 2026–27 का ‘विकसित भारत’ विजन पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई को मजबूती देगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Sambhajinagar MSME Growth Opportunities: छत्रपति संभाजीनगर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के केंद्रीय परिषद सदस्य सीए उमेश शर्मा ने बजट 2026-27 के ‘विकसित भारत’ विजन पर प्रकाश डालते हुए पूंजीगत व्यय में वृद्धि, वित्तीय घाटे पर नियंत्रण, संरचना आधारभूत विकास, विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन व मानव संसाधन में निवेश जैसे प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय बढ़ने से एमएसएमई को इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में अधिक अवसर मिलेंगे।
वित्तीय घाटा नियंत्रण में रहने से ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहेगी। देश की आर्थिक प्रगति को दिशा देने वाले केंद्रीय बजट में शामिल नीतिगत प्रावधानों, सुधारों व उनके उद्योग जगत पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के उद्देश्य से चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) की ओर से ‘डिकोडिंग यूनियन बजट 2026-27’ विषय पर विशेष मार्गदर्शन सत्र में वे बोल रहे थे।
रेलवे स्टेशन एमआईडीसी के मधुर बजाज मार्ग पर स्थित सीएमआईए कार्यालय में आहूत सत्र में केंद्रीय बजट के आर्थिक दृष्टिकोण, वित्तीय आंकड़ों, कर सुधारों व एमएसएमई व स्टार्ट-अप्स के लिए उपलब्ध होने वाले अवसरों पर उमेश शर्मा ने विस्तारपूर्वक रोशनी डाली।
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प्रस्तुतिकरण में उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय बढ़ने से एमएसएमई को इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में अधिक मौके मिलेंगे। यही नहीं, वित्तीय घाटा नियंत्रण में रहने से ब्याज दरों में स्थिरता बनी रहेगी।
एमएसएमई, उद्योग के लिए विशेष प्रावधान
शर्मा ने कहा कि एमएसएमई ग्रोथ फंड, टीआरईडीएस प्रणाली का विस्तार, क्रेडिट गारंटी योजना में सुधार, निर्यात सुलभीकरण से जुड़े प्रावधानों से लघु व मध्यम उद्योगों को पूंजी, बाजार व प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में बड़ा सहारा मिलेगा।
साथ ही कॉर्पोरेट मित्रा योजना के जरिए टियर-2 व टियर 3 शहरों के उद्योगों को किफायती दरों पर अनुपालन सेवाएं उपलब्ध होने का दावा भी उन्होंने किया।
मराठवाड़ा के लिए मिलेगा बेहतर मौका
सत्र में छत्रपति संभाजीनगर और मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए बजट से उत्पन्न होने वाले विशेष अवसरों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान कहा गया कि ऑरिक सिटी शेंद्रा व बिड़कीन नोड में निवेश, ऑटोमोबाइल व ई-वी सेक्टर, कृषि प्रसंस्करण उद्योग, लॉजिस्टिक्स, अजंता-एलोरा पर्यटन, डेटा सेंटर्स व नई तकनीक के क्षेत्रों में संभावनाओं से यह क्षेत्र उच्च-मूल्य व नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होगा।
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सीएमआईए के मानद सचिव मिहिर सौंदलगीकर ने प्रस्तावना में परिचय कराया। सीएमआईए के पूर्व अध्यक्ष गौतम नंदावत, कोषाध्यक्ष सौरभ छल्लानी, कार्यकारिणी सदस्य रसदीप सिंह चावला व अनिकेत पाटील उपस्थित रहे।
