Ladki Bahin Yojana की होगी गहन जांच, अपात्र महिलाओं पर कार्रवाई के संकेत
Maharashtra: लाडली बहना योजना के लाभार्थियों के लिए चिंता बढ़ गई है। आयकर विभाग की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही।
- Written By: अपूर्वा नायक
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना के लाभार्थियों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए आयकर विभाग द्वारा तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को प्राप्त हो चुकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब योजना के लाभार्थियों की सघन जांच किए जाने के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने योजना के तहत लाभ ले रही महिलाओं की आय, संपत्ति और अन्य आर्थिक विवरणों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों की जानकारी होने की संभावना जताई जा रही है, जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करतीं।
चुनावी माहौल में बढ़ी सख्ती
फिलहाल राज्य में जिला परिषद और स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं। ऐसे समय में सामने आई इस रिपोर्ट ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। सरकार का मानना है कि यदि चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही अपात्र लाभार्थियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की तैयारी
लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के चलते महिला एवं बाल विकास विभाग अब योजना की गहन समीक्षा की तैयारी में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर जिलावार और तहसील स्तर पर लाभार्थियों की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेजों की दोबारा पुष्टि भी की जा सकती है।
अपात्र पाए जाने पर हो सकती है कार्रवाई
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच में यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाई जाती है, तो न केवल उसका नाम योजना से हटाया जाएगा, बल्कि गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली और कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। इससे योजना में पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश जाएगा।
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सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता
राज्य सरकार का स्पष्ट कहना है कि लाडली बहना योजना का उद्देश्य वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा देना है। अपात्र लाभार्थियों के कारण योग्य महिलाओं के अधिकार प्रभावित न हों, इसी को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
