मुंबई की ऊंची इमारतों में आग से निपटने की तैयारी, देश की सबसे ऊंची फायर लैडर खरीदेगा प्रशासन
Fire Safety Plan: मुंबई की ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने की क्षमता को लेकर विधान परिषद में चिंता जताई गई। जल्द ही सबसे ऊंची हाइड्रोलिक फायर लैडर खरीदने की योजना बनाई जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
हाई-राइज बिल्डिंग (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai High Rise Fire Safety: मुंबई की हाई राइज इमारतों में आग लगने या फिर किसी तरह के खतरे से निपटने के लिए ऊँची सीढ़ियों की कमी है। इस वजह से फायर ब्रिगेड विभाग के कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
गुरुवार को विधान परिषद में बीजेपी विधायक प्रवीण दरेकर ने नियम 92 के तहत इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि मुंबई में 100 से 125 मंजिल ऊंची ऊंची इमारतें बनाने की इजाजत दी गई है, जबकि शहर में इतनी ऊंचाई पर आग लगने की घटनाओं से निपटने की क्षमता नहीं है। ऐसे में अगर हाई राइज इमारतों में आग लगती है तो लोगों को बचाना मुश्किल होगा।
मुंबई में फायर सेफ्टी पर जोर
इसके जवाब में कैबिनेट मंत्री उदय सामंत ने बताया कि मुंबई फायर ब्रिगेड के पास फिलहाल 94 मीटर ऊंची सीढ़ियां हालांकि, मुंबई जैसे इंटरनेशनल शहर की जरूरतों को देखते हुए, नगर निगम को ऊंची और ज्यादा एडवांस्ड सीढ़ियां खरीदने के लिए सही निर्देश दिए जाएंगे।
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अभी, देश की सबसे ऊंची सीढ़ी, जिसकी ऊंचाई 104 मीटर है, चेन्नई में उपलब्ध है। सामंत ने कहा कि हम लोगों ने भी मुंबई में आग की समस्या से निपटने के लिए देश की सबसे ऊंची हाइड्रोलिक फायर लैडर मंगाने का फैसला किया है। इसकी मदद से हाई राइज इमारतों में आग लगने की समस्या से निपटा जा सकेगा।
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मंत्री सामंत ने कहा कि ऊंची इमारतों में मॉडर्न फायर सेफ्टी सिस्टम जरूरी कर दिए गए हैं, जिसमें फायर सीढ़ियां, फायर लिफ्ट, सप्रिंकलर सिस्टम, अलार्म सिस्टम और फायर एस्केप जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सभी उपायों को लागू करने के बाद ही म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और फायर ब्रिगेड द्वारा फाइनल परमिशन दी जाती है। उन्होंने कहा कि चूंकि मुंबई एक इंटरनेशनल शहर है।
