मुंबई में तोड़ी गई गरीब नगर बस्ती के 1296 वोटर लिस्ट में कैसे? किरीट सोमैया का चुनाव आयोग को पत्र
Garib Nagar Voter Mapping Scam: भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई के गरीब नगर में वोटर मैपिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने तोड़ी गई बस्ती के 1296 वोटरों को लिस्ट में शामिल करने पर सवाल उठाए।
- Written By: आकाश मसने
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kirit Somaiya Allegations Voter Mapping Scam: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा गरमा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को एक पत्र लिखकर बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में भारी धांधली का गंभीर आरोप लगाया है। सोमैया ने दावा किया कि जिस गरीब नगर बस्ती को प्रशासन ने अनधिकृत मानकर तोड़ दिया था, वहां के निवासियों की वोटर मैपिंग अब भी अवैध तरीके से की जा रही है।
भाजपा नेता किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर दावा किया है कि बांद्रा ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। तोड़ी गई गरीब नगर बस्ती के निवासियों की वोटर मैपिंग गैर-कानूनी तरीके से की गई थी।
क्या है गरीब नगर का पूरा मामला?
बता दें कि मुंबई में गरीब नगर रेलवे की जमीन पर बसी एक अनधिकृत बस्ती है। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर रेलवे अधिकारियों ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और मुंबई पुलिस की मदद से गिरा दिया था।
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किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के पहले दौर में संबंधित ब्लॉक-स्तरीय अधिकारियों ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 वोटरों में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को मंजूरी दे दी, जबकि उन्हें पता था कि यह बस्ती पहले ही गिराई जा चुकी है।
SIR “Garib Nagar” Bandra East Election Officials
in first phase work of SIR passed MAPPED 1296 Voters ( out of 2412) of Garib Nagar Bandra Mumbai in spite of Demolition of Garib Nagar Yesterday I visited the area, Met Deputy Collector, Election Commission Officials of Bandra &… pic.twitter.com/nYg1Qeep5A — Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) July 14, 2026
बस्ती हटाए जाने के बावजूद अधिकारियों ने की लापरवाही
सोमैया ने पत्र में लिखा कि हमें हैरानी है कि एसआईआर के पहले राउंड में ब्लॉक-लेवल के अधिकारियों ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर के 2,412 वोटरों में से 1,296 वोटरों की मैपिंग को मंजूरी दे दी है। उन्होंने आगे दावा किया कि बस्ती को गिराए जाने की बात बांद्रा ईस्ट के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के ध्यान में पहले ही लाई गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर इस जानकारी को नजरअंदाज किया और मैपिंग की प्रक्रिया जारी रखी।
मैपिंग प्रोसेस को जारी रखने पर सवाल उठाते हुए भाजपा नेता ने लिखा कि जब बीएलओ और ईआरओ समेत सभी को पता है कि गरीब नगर को गिरा दिया गया है और वहां कोई नहीं रह रहा है, तब भी एसआईआर के पहले राउंड में उन्होंने मैपिंग का काम पूरा कर लिया। कार्रवाई की मांग करते हुए किरीट सोमैया ने भारत के चुनाव आयोग से मामले की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
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मैपिंग प्रोसेस को लेकर अधिकारियों पर लगाए आरोप
पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने यह भी आरोप लगाया कि तोड़ी गई बस्ती से जुड़े वोटरों के नाम हटाने के बजाय, स्थानीय अधिकारियों ने इलाके में कैंप लगाए और गरीब नगर के वोटरों के नाम मैपिंग प्रोसेस में शामिल कर लिए। उन्होंने कहा कि हमने ब्लॉक लेवल के अधिकारियों और इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के ध्यान में यह बात लाई थी कि गरीब नगर बस्ती, जो गैर-कानूनी और अनधिकृत थी, उसे कुछ हफ्ते पहले ही गिरा दिया गया है। उन वोटरों के नाम हटा दिए जाने चाहिए थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
