मराठी मुंबई बन जाएगी मुस्लिम मुंबई! किरीट सोमैया की बड़ी चेतावनी; बाेले बढ़ती मुस्लिम आबादी है खतरे की घंटी

Kirit Somaiya Statement: किरीट सोमैया ने मुंबई की बदलती जनसांख्यिकी पर बड़ी चेतावनी दी है। सोमैया का दावा है कि लव जिहाद और वोट जिहाद के चलते मराठी मुंबई पूरी तरह मुस्लिम मुंबई में बदल जाएगी।
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किरीट सोमैया का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
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Kirit Somaiya Warning: भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र और विशेष रूप से मुंबई की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान दिया है। सोमैया ने जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान स्थिति बनी रही, तो साल 2052 तक 'मराठी मुंबई' पूरी तरह से 'मुस्लिम मुंबई' में तब्दील हो जाएगी।

किरीट सोमैया ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मालेगांव विधानसभा क्षेत्र में आज स्थिति यह है कि वहां 95 प्रतिशत मतदाता मुस्लिम हैं,। उन्होंने इसे एक गंभीर संकेत बताते हुए कहा कि यह बदलाव केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी तेजी से पैर पसार रहा है।

मुंबई के इन इलाकों का किया जिक्र

अपने बयान में सोमैया ने मुंबई और उसके आसपास के उन इलाकों की लंबी सूची गिनाई, जहां उनके अनुसार जनसांख्यिकीय संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने मानखुर्द, शिवाजी नगर, गोवंडी, अनुशक्ति नगर, नौपाड़ा, बहरामपाड़ा, नागपाड़ा और मोहम्मद अली रोड जैसे क्षेत्रों का विशेष उल्लेख किया। सोमैया ने यहाँ तक दावा किया कि मीरा रोड का नया नगर अब पूरी तरह से 'मुस्लिम नगर' बन चुका है। उन्होंने मुंब्रा, तलौड़ा, अमरावती और अकोला जैसे शहरों में भी इसी तरह के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।

साजिश और जिहाद के आरोप

किरीट सोमैया ने इस बदलाव को एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से करोड़ों रुपये भारत भेजे जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल लव जिहाद, लैंड जिहाद और वोट जिहाद के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, महाराष्ट्र की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील है और हिंदू समाज को अब जागना ही होगा।

2052 का अल्टीमेटम

सोमैया ने भविष्य की एक डरावनी तस्वीर पेश करते हुए कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र की जमीनी सच्चाई को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2052 तक मुंबई का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है, इसलिए नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।

किरीट सोमैया के इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां एक पक्ष इसे सुरक्षा और संस्कृति के लिए खतरा मान रहा है, वहीं विपक्षी दल इसे ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे

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