महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 2 बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
Maharashtra Government News: महाराष्ट्र सरकार ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पहले दो बच्चों के लिए संशोधित शैक्षणिक सहायता योजना लागू की। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने सात योजनाओं को मिलाया।
- Written By: रूपम सिंह
देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Education News: महाराष्ट्र सरकार ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए उनके पहले दो बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, संशोधित ‘शैक्षणिक सहायता योजना’ अब महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से लागू की जाएगी।
सात योजनाओं की जगह एकीकृत योजना लागू
श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने बताया कि पहले शिक्षा सहायता से जुड़ी सात अलग-अलग योजनाएं संचालित की जा रही थीं। अब इन सभी को मिलाकर एक एकीकृत शैक्षणिक सहायता योजना लागू की गई है। इससे लाभार्थियों को आवेदन और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
शिक्षा के स्तर के अनुसार मिलेगी सहायता
नई योजना के तहत विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक स्तर के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के लिए पात्रता, सहायता राशि और अन्य आवश्यक शर्तें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैं। इसका लाभ केवल पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पहले दो बच्चों को मिलेगा।
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उच्च शिक्षा में आर्थिक बाधाएं होंगी कम
सरकार ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आठवीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध है, लेकिन इसके बाद दसवीं, बारहवीं और उच्च शिक्षा के दौरान कई परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योजना में संशोधन किया गया है, ताकि आर्थिक अभाव के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में न छूटे।
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श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि संशोधित योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी और उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी। महाराष्ट्र भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और उनकी शिक्षा को आर्थिक कारणों से प्रभावित होने से बचाना है।
