मिडिल ईस्ट रूट बाधा के बीच जेएनपीए का बड़ा कदम, 20 दिनों में 16,000 कंटेनर रवाना, बंदरगाह पर राहत
JNPA Container Movement Update: मिडिल ईस्ट रूट में बाधाओं के बावजूद जेएनपीए ने तेजी से काम करते हुए 20 दिनों में 16,000 कंटेनर रवाना किए। इससे बंदरगाह पर फंसे कंटेनरों की संख्या घटकर आधी रह गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
नवी मुंबई जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Port Logistics Relief News: मिडिल ईस्ट रूट पर आई बाधाओं के बीच जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण ने अपने संचालन को तेज कर दिया है। पिछले 20 दिनों में करीब 16,000 टीईयू कंटेनरों को रवाना किया गया है, जिससे बंदरगाह पर दबाव कम हुआ है।
इसी अवधि में लगभग 1,700 टीईयू कंटेनरों को वापस शहर में लाया गया है। इससे आपूर्ति शृंखला को राहत मिली है और व्यापारिक गतिविधियां सुचारु होने लगी हैं। कंटेनरों की आवाजाही बढ़ने से बंदरगाह पर जाम की स्थिति में भी सुधार आया है।
फंसे कंटेनरों की संख्या में गिरावट
पोर्ट पर फंसे कंटेनरों की संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है। 1 मार्च को जहां करीब 5,000 टीईयू कंटेनर अटके हुए थे, वहीं अब यह संख्या घटकर लगभग 2,500 टीईयू रह गई है। इससे संचालन व्यवस्था बेहतर होती नजर आ रही है।
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नाशवंत कार्गो में भी सुधार
नाशवंत और शीतित कंटेनरों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। पहले जहां इनकी संख्या करीब 2,000 टीईयू थी, अब यह घटकर लगभग 800 टीईयू रह गई है। इससे खराब होने वाले सामान को समय पर भेजने में मदद मिली है।
शुल्क में दी गई बड़ी राहत
प्राधिकरण ने राहत के तौर पर 28 फरवरी से 14 मार्च तक पात्र कंटेनरों के लिए ग्राउंड रेंट और ठहराव शुल्क में पूरी छूट दी। वहीं शीतित कंटेनरों के लिए बिजली कनेक्शन शुल्क में 80 प्रतिशत तक की छूट लागू की गई।
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पर्याप्त भंडारण से संचालन आसान
अधिकारियों के अनुसार बंदरगाह पर इस समय पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और केवल आधी क्षमता का ही उपयोग हो रहा है। इससे संचालन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल रही है और आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।
