

Jogeshwari East Traffic Viral Video: मुंबई में जारी SSC बोर्ड परीक्षाओं के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। परीक्षार्थियों के लिए समय पर सेंटर पहुँचना एक 'अग्निपरीक्षा' साबित हो रहा है, जबकि मुंबई ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और शिकायतों के अनुसार, जहाँ भारी ट्रैफिक जाम है वहाँ पुलिस नदारद है, लेकिन शांत इलाकों में चालान काटने की होड़ मची हुई है।
विशेष रूप से जोगेश्वरी ईस्ट से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें स्कूली छात्र और परीक्षार्थी फंसे हुए हैं, लेकिन वहां स्थिति को संभालने के लिए एक भी ट्रैफिक हवलदार मौजूद नहीं है।
मुंबई के उपनगरों, विशेषकर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और लिंक रोड से जुड़ने वाली सड़कों पर सुबह के समय भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। एसएससी (SSC) के छात्र, जिनके लिए एक-एक मिनट कीमती है, घंटों ट्रैफिक में फंसे रहने को मजबूर हैं। अभिभावकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की प्राथमिकता जाम खुलवाना नहीं, बल्कि टार्गेट पूरा करने के लिए चालान वसूलना बन गई है।
वायरल वीडियो का सच: जोगेश्वरी ईस्ट के वायरल वीडियो में परीक्षार्थियों के चेहरों पर घबराहट साफ देखी जा सकती है। कई छात्र रिक्शा और बसों से उतरकर पैदल ही सेंटर की ओर दौड़ते नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस केवल उन पॉइंट्स पर खड़ी रहती है जहाँ गाड़ी रोकना और चालान काटना आसान हो।
मुंबईकरों का गुस्सा इस बात पर फूट रहा है कि पुलिस बल की तैनाती उन जगहों पर अधिक है जहाँ ट्रैफिक सुचारू है, ताकि वहां कागजात चेक कर जुर्माना वसूला जा सके। इसके विपरीत, व्यस्त जंक्शन्स और स्कूल-कॉलेज के पास वाले रास्तों को 'राम भरोसे' छोड़ दिया गया है। ट्रैफिक विभाग के इस 'सिलेक्टिव' मैनेजमेंट के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है।
छात्रों और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री और मुंबई पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि कम से कम बोर्ड परीक्षा के समय मुख्य चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास 'नो-पार्किंग' और 'नो-चालान' जोन बनाकर केवल सुचारू आवागमन पर ध्यान दिया जाए ताकि कोई भी छात्र अपनी परीक्षा से वंचित न रहे।