

Jayant Patil on NCRB Report: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों ने महाराष्ट्र प्रशासन के दावों को पूरी तरह से झुठला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में अप्राकृतिक मौतों की आवृत्ति डराने वाली है। यदि आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो राज्य में हर पांच मिनट में एक व्यक्ति की मृत्यु किसी न किसी अप्राकृतिक कारण से हो रही है। इसमें सड़क दुर्घटनाएं, डूबने, आग लगने और सबसे दुखद रूप से आत्महत्या के मामले शामिल हैं।
इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य किस दिशा में जा रहा है। हर पांच मिनट में एक मौत होना केवल एक सांख्यिकी नहीं है, बल्कि एक परिवार का उजड़ना है। सरकार को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने महाराष्ट्र को कहां पहुंचा दिया है?"
जयंत पाटिल ने गृह विभाग की विफलता पर जोर देते हुए कहा कि जब गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन का ध्यान केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने पर होगा, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ते अपराध और असुरक्षा के माहौल के कारण आज आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
एनसीआरबी की रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि महाराष्ट्र में आत्महत्याओं की संख्या, विशेषकर किसानों और युवाओं में, अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। इसके साथ ही, बुनियादी ढांचे की खराब स्थिति और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण होने वाली मौतें भी इस आंकड़े को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। पाटिल ने मांग की है कि सरकार को इन आंकड़ों पर आत्ममंथन करना चाहिए और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि इतने गंभीर आंकड़े सामने आने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं आया है। जयंत पाटिल ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। यह रिपोर्ट आगामी विधानसभा चुनावों में सरकार के खिलाफ एक बड़ा हथियार बन सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।