

Maharashtra News: पवई के जयभीम नगर इलाके में वर्षों से बसे सैकड़ों परिवारों की झुग्गियों पर एक बार फिर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दरम्यान बड़ी संख्या में मनपा अधिकारी और पुलिस बल तैनात थे। हीरानंदानी गार्डन और पवई प्लाजा के सामने फुटपाथ पर अपना आशियाना बनाये सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ों को हटा दिया गया।
कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर बने अस्थायी झोपड़ों को हटाने के आदेश के बाद की। हालांकि इन लोगों को मनपा ने मुंबई के विभिन्न जगहों के शेल्टर होम में अस्थायी रूप से जाने को कहा था, जिसके लिए इन लोगों को बाकायदा नोटिस भी दी गई थी, लेकिन झुग्गीवासियों ने जाने से मना कर दिया था. हालांकि कुछ लोग पहले ही दूसरी जगहों पर जा चुके हैं।
बता दें कि इन परिवारों ने पिछले वर्ष हुई तोड़फोड़ के बाद फुटपाथ पर अस्थायी निवास बना लिए थे, जिसमें परिवार के साथ रह रहे थे, जिन्हें अब हटाना पड़ा है। इससे पहले जून 2024 में जब झुग्गी हटाने की कोशिश की गई थी तो झुग्गीवासियों और पुलिस के बीच पथराव और लाठीचार्ज की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके चलते कई लोग घायल हुए थे।
उस घटना के बाद हाईकोर्ट ने न केवल बीएमसी की भूमिका पर सवाल उठाए थे, बल्कि विशेष जांच दल गठित करने और एफआईआर दर्ज करने तक का आदेश दिया था। कार्रवाई के समय कुछ लोग खुद ही अपना सामान लेकर दूसरी जगहों पर चले गए।
पीड़ित जलपण का कहना है कि बस्तीवासियों का कहना है कि वे तीन दशकों से अधिक समय से यहां रह रहे हैं और उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल जैसे सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। बावजूद इसके उन्हें अचानक बेदखल कर दिया गया। हमें हमारे हक का घर मिले। हमें शेल्टर होम में जाने के लिये नोटिस दिया था, लेकिन वहां लोग नहीं गए।