मिनटों में बर्बाद हो जाता पाकिस्तान! नौसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा, ‘Operation Sindoor’ से कांप गया था दुश्मन
Operation Sindoor: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने खुलासा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर हमला करने ही वाली थी, तभी इस्लामाबाद ने कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई।
- Written By: आकाश मसने
भारतीय नौसेना चीफ एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Indian Navy Chief Admiral Dinesh K. Tripathi Statement: भारतीय नौसेना की ताकत और आक्रामक तेवरों को लेकर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने रक्षा गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। बुधवार को मुंबई में आयोजित ‘नौसेना अलंकरण समारोह’ के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले साल चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नौसेना पाकिस्तान पर समुद्र से बड़ा हमला करने के बेहद करीब थी।
पाकिस्तान ने जोड़ लिए थे हाथ
एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि यह अब कोई छिपी हुई बात नहीं है कि जब पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया, तब हम समुद्र से उस पर कुछ ही मिनटों में हमला करने वाले थे। उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए इस ऑपरेशन ने भारतीय नौसेना की अद्वितीय तत्परता और दृढ़ संकल्प को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया। नौसेना की इकाइयों ने न केवल त्वरित तैनाती की, बल्कि पूरे अभियान के दौरान अपना रुख बेहद आक्रामक बनाए रखा।
BIG BREAKING 🚨 Indian Navy Chief Admiral Dinesh Tripathi reveals: During Operation Sindoor, the Navy was just minutes away from launching a devastating sea-based strike on Pakistan when Islamabad urgently requested a stop to kinetic actions. pic.twitter.com/75SEsMRCcO — Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) April 1, 2026
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Operation Sindoor के वीर जांबाजों का सम्मान
इस गरिमामय समारोह में नौसेना प्रमुख ने ‘Operation Sindoor‘ के दौरान विशिष्ट सेवा देने वाले दो शीर्ष नौसेना अधिकारियों को ‘युद्ध सेवा पदक’ से सम्मानित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ऑपरेशन के माध्यम से नौसेना ने देश की सुरक्षा क्षमताओं में राष्ट्र के विश्वास और भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।
वैश्विक संघर्ष और भारत की भूमिका
नौसेना प्रमुख ने पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका, इजराइल और ईरान संघर्ष पर भी चिंता जताई। उन्होंने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अब तक 20 से अधिक वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं। वर्तमान में संघर्ष के बीच लगभग 1,900 जहाज फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की दैनिक संख्या 130 से घटकर मात्र 6-7 रह गई है।
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PM के सामने शक्ति प्रदर्शन
एडमिरल त्रिपाठी ने पिछले साल पश्चिमी तट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष की गई 17 घंटे की ऐतिहासिक रात्रिकालीन यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नौसेना को अपनी परिचालन क्षमताओं की व्यापकता और गहराई का प्रदर्शन करने पर गर्व है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय नौसेना किसी भी समय, किसी भी स्थिति में दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार है।
