West Asia संकट पर पीएम मोदी की हाई-लेवल बैठक… सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर हुआ बड़ा मंथन

West Asia Crisis: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया तनाव पर CCS और CCEA की बैठकें कीं। इसमें युद्ध के कारण सुरक्षा तैयारियों, भारतीयों की सुरक्षा और कच्चे तेल की आपूर्ति पर गहन चर्चा हुई।
PM Modi Chairs CCS and CCEA Meetings: Review of National Security and Economic Impact
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया तनाव पर CCS और CCEA की बैठकें कीं (सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on

Impact Of West Asia War On India: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैक-टू-बैक बैठकें आयोजित की गईं। भारत पर पश्चिम एशिया युद्ध के प्रभाव का गहराई से विश्लेषण करने के लिए केंद्र सरकार ने सुरक्षा और आर्थिक मोर्चों पर तैयारी काफी तेज कर दी है। इन बैठकों में युद्ध के कारण उत्पन्न सुरक्षा खतरों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर की बारीकी से समीक्षा की गई।

सुरक्षा की समीक्षा

CCS की बैठक में मुख्य रूप से West Asia में बिगड़ते हालातों और भारत पर उसके संभावित सुरक्षा प्रभावों पर चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे दिग्गज नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे हर बदलती परिस्थिति पर पैनी नजर रखें और राज्यों के साथ तालमेल बनाए रखें।

West Asia वॉर में भारतीयों की सुरक्षा

West Asia में वर्तमान में लाखों भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताई गई है। बैठक के दौरान आपातकालीन स्थिति में भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए एयरस्पेस और वैकल्पिक रूटों पर गंभीरता से विचार किया गया। सूत्रों के अनुसार, किसी भी इमरजेंसी के लिए नौसेना और वायुसेना को तैयार रहने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित एक्शन लिया जा सके।

आर्थिक मोर्चे पर रणनीति

सुरक्षा मामलों की बैठक के ठीक बाद आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति यानी CCEA की एक और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जैसे बड़े नेता प्रधानमंत्री आवास पहुंचे। CCEA का मुख्य उद्देश्य युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण करना था।

आपूर्ति सुनिश्चित करना

सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि West Asia में अस्थिरता के बावजूद भारत में जरूरी चीजों की किसी भी तरह की किल्लत न हो। बैठक में देश के भीतर ईंधन और फर्टिलाइजर यानी खाद की पर्याप्त सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में होने वाले किसी भी व्यवधान का सामना करने के लिए पहले से तैयार रहें।

वैश्विक चिंता और भारत

वेस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट का क्षेत्र भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के नजरिए से बहुत अधिक महत्वपूर्ण और रणनीतिक माना जाता है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। भारत सरकार इन कठिन परिस्थितियों में अपने आर्थिक हितों और विदेशों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रही है।

मंत्रियों का योगदान

इन बैठकों में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश की ताकि सरकार को जमीनी हकीकत का पता चल सके। विदेश मंत्रालय लगातार वहां स्थित भारतीय दूतावासों के संपर्क में है ताकि हर एक भारतीय नागरिक की सुरक्षा की जानकारी प्राप्त की जा सके। प्रधानमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और समय-समय पर स्थिति की रिपोर्ट देने का सख्त आदेश दिया है।

भविष्य की योजना

सरकार अब उन वैकल्पिक व्यापार मार्गों की गंभीरता से तलाश कर रही है जिनसे सप्लाई चेन को किसी भी संभावित बाधा से आसानी से बचाया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों की रोज निगरानी करना सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि भारत सरकार किसी भी वैश्विक संकट का डटकर सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Navbharat Live
navbharatlive.com