जापान में हाई स्पीड ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग लेते भारतीय लोकाे पायलट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Loco Pilot Training: भारत का हाई-स्पीड रेल का सपना अब हकीकत में बदलने के बेहद करीब पहुंच गया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए चुने गए 15 भारतीय रेलवे पेशेवरों का एक विशेष दल वर्तमान में जापान में गहन प्रशिक्षण ले रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक भारतीय लोको पायलट को जापानी प्रशिक्षकों की देखरेख में ‘शिनकान्सेन’ (Shinkansen) ट्रेन चलाने का अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है।
वायरल वीडियो में सबसे अधिक ध्यान भारतीय लोको पायलट द्वारा जापानी सुरक्षा पद्धति ‘प्वाइंट-एंड-कॉल’ के अभ्यास ने खींचा है। इस विशेष तकनीक में चालक ट्रेन संचालन के दौरान विभिन्न उपकरणों की ओर भौतिक रूप से अपनी उंगली से इशारा करते हैं और उनकी स्थिति की मौखिक रूप से पुष्टि करते हैं। जापान में यह पद्धति मानवीय भूलों को न्यूनतम करने और चालक की स्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ाने के लिए अनिवार्य रूप से उपयोग की जाती है। भारतीय पायलट इसी जापानी रेल अनुशासन और सुरक्षा संस्कृति को आत्मसात कर रहे हैं।
🚨Indian loco pilot are getting training in Japan for Mumbai-Ahmedabad bullet train Corridor. pic.twitter.com/0tXx6Ty1cb — The Bharat (@TheBharatMatter) February 23, 2026
इन 15 पायलटों का चयन उनके मेट्रो और पारंपरिक रेल परिचालन के पिछले अनुभव के आधार पर किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (JICA) और JR ईस्ट के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय अधिकारियों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें जापान की विश्व-प्रसिद्ध सुरक्षा और दक्षता के मानकों के अनुरूप तैयार करना है। प्रशिक्षण ले रहे पायलटों ने जापानी रेलवे अनुशासन के साथ तालमेल बिठाने के अपने अनुभवों को भी साझा किया है।
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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अब अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट ने नवंबर तक 56 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है। पालघर में पहली पहाड़ी सुरंग का निर्माण पूरा होना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 85,338 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी मात्र 1 घंटा 58 मिनट में पूरी की जा सकेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को सूरत और वापी के बीच 100 किलोमीटर के खंड पर अपनी पहली दौड़ शुरू करेगी।