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आर्मी अफसर बनकर ठगी का नया तरीका, ऐसे बनाया जा रहा है लोगों को निशाना, जानिए फ्रॉड से बचने के टिप्स

Army Impersonation Cyber Fraud: देश में सेना का फर्जी अधिकारी बनकर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फर्जी आईडी और ऑर्डर के नाम पर ठगी हो रही है। जानिए सुरक्षा के उपाय और शिकायत के तरीके।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Jul 23, 2026 | 01:32 PM

आर्मी अफसर बनकर ठगी का नया तरीका (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)

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Indian Army Impersonation Cyber Fraud Safety Tips: भारतीय सशस्त्र बलों के कर्मचारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले महाराष्ट्र समेत देशभर में तेजी से सामने आ रहे हैं। सेना के प्रति लोगों के सम्मान और भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठग खुद को आर्मी अधिकारी बताकर लोगों को विश्वास में लेते हैं और फिर जल्दबाजी या दबाव बनाकर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। हाल ही में मुंबई में साइबर ठगों ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर एक केमिकल सप्लाई कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर से करीब 21 लाख रुपये ठग लिए।

आरोपियों ने सेना के नाम पर बड़े ऑर्डर और खरीद प्रक्रिया का हवाला देकर विश्वास जीता और बाद में पैसे ऐंठ लिए। इस मामले में मुंबई साइबर पुलिस ने केस दर्ज किया। यह फ्रॉड मुंबई, पुणे और अन्य शहरों सहित देश के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। ऐसे मामलों में ठग अक्सर वॉयस या वीडियो कॉल के जरिए संपर्क करते हैं और अपनी पहचान साबित करने के लिए फर्जी दस्तावेज, नकली आईडी कार्ड या अन्य जानकारी साझा करते हैं।

पेमेंट लेने के नाम पर होता है UPI फ्रॉड

इस तरह के मामलों में ठग आम नागरिकों, छोटे कारोबारियों, मकान मालिकों, डॉक्टरों, ट्यूटर्स और ऑनलाइन सेवाएं देने वालों को निशाना बनाते हैं। वे खुद को सेना का जवान या अधिकारी बताकर सामान या सेवा खरीदने की बात करते हैं। ठग अक्सर आमने-सामने मिलने से बचने के लिए “आर्मी कैंप के नियम” या सुरक्षा कारणों का हवाला देते हैं।

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भरोसा बनाने के लिए वे नकली पहचान पत्र और अन्य फर्जी दस्तावेज भी भेज सकते हैं। इसके बाद वे एडवांस पेमेंट या सरकारी मर्चेंट वॉलेट के नाम पर पीड़ित को एक पेमेंट रिक्वेस्ट या QR कोड भेजते हैं। यहां सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि पैसे प्राप्त करने के लिए UPI पिन डालने के लिए कहा जाता है। जबकि वास्तविकता में UPI पिन डालने से पैसे खाते में आने के बजाय खाते से कट सकते हैं।

बिजनेस को निशाना बनाने के लिए अपनाया जा रहा एडवांस ट्रैप

ठगी का एक दूसरा तरीका छोटे और मध्यम कारोबारियों को निशाना बनाना है। इसमें ठग खुद को सेना का अधिकारी बताकर बड़ी खरीदारी का ऑर्डर देने की बात करते हैं। इसके बाद वे सेना की खरीद प्रक्रिया या नियमों का हवाला देकर “मर्चेंट रजिस्ट्रेशन फीस”, “सिक्योरिटी डिपॉजिट” या अन्य शुल्क जमा करने के लिए कहते हैं। भुगतान मिलते ही वे संपर्क तोड़ देते हैं और कारोबारी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

साइबर सुरक्षा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपाय

डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म भी ऐसे फ्रॉड को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल कर रहे हैं। फोनपे ने मिलिट्री इम्पर्सनेशन जैसे फ्रॉड से बचाव के लिए सुरक्षा सिस्टम विकसित किए हैं। कंपनी के अनुसार, उसका एआई आधारित सिक्योरिटी सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों और जोखिम वाले नंबरों की पहचान करने में मदद करता है। यदि कोई ट्रांजेक्शन संदिग्ध पाया जाता है, तो यूजर को चेतावनी दी जाती है और भुगतान से पहले अतिरिक्त पुष्टि मांगी जाती है।

आर्मी के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के तरीके (सोर्स: AI)

UPI फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • UPI पिन का इस्तेमाल केवल पैसे भेजने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।
  • किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को स्कैन न करें।
  • पैसे मिलने के नाम पर कभी भी UPI पिन दर्ज न करें।
  • यदि कोई व्यक्ति लगातार जल्द भुगतान करने का दबाव बना रहा है, तो सावधानी बरतें।
  • पेमेंट करने से पहले ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें।
  • संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से बचें।

यह भी पढ़ें:- आंगनवाड़ी के खाने में बड़ा बदलाव! अब अरहर खिचड़ी की जगह मिलेगा टेस्टी वेज पुलाव, जानें पूरी डिटेल्स

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि आप या आपके आसपास कोई इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो समय गंवाए बिना तुरंत शिकायत करें। याद रखें, साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे (Golden Hours) बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। जितनी जल्दी आप शिकायत करेंगे, ठगों के खाते को फ्रीज कराने और पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें: तुरंत अपने बैंक और संबंधित UPI ऐप (GPay, PhonePe, Paytm आदि) के कस्टमर सपोर्ट पर फ्रॉड रिपोर्ट करें।
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: भारत सरकार के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं।
  • ऑनलाइन साइबर पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  • ‘चक्षु’ पोर्टल पर रिपोर्ट: दूरसंचाार विभाग (DoT) के ‘संचार साथी’ पोर्टल पर उपलब्ध ‘चक्षु’ (Chakshu) सुविधा के माध्यम से संदिग्ध कॉल, फ्रॉड मैसेज या व्हाट्सऐप नंबर की रिपोर्ट करें।

Indian army impersonation cyber fraud upi scam awareness safety tips

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Published On: Jul 23, 2026 | 01:32 PM

Topics:  

  • Cyber Crime
  • Cyber Fraud
  • Cyber Security
  • Maharashtra News

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