मीरा रोड रेलवे स्टेशन के स्काई वॉक पर लगी दुकानें
मुंबई: रेलवे स्टेशनों के बाहर यात्रियों की जमा होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से उनके गंतव्य स्थानों तक सुविधा पूर्व प्रवास करने के लिए बस स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, शॉपिंग क्षेत्र आदि तक पहुंचाने के उद्देश्य से एमएमआरडीए द्वारा मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 37 स्काई वॉक का निर्माण किया गया है। वर्ष 2008 में शुरू हुई इस योजना के तहत ही 2011-12 में पश्चिम रेलवे के मीरारोड रेल स्टेशन के बाहर शांति नगर और नया नगर के लिए स्काई वॉक का निर्माण किया गया था।
शुरू में इस स्काई वॉक की सार्थकता दिखाई दे रही थी, लेकिन धीरे धीरे इस स्काई वॉक पर अवैध फेरीवालों ने अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया। आज मीरारोड के इस स्काई वॉक की स्थिति ऐसी हो गई है कि यह यात्रियों के लिए बनी स्काई वॉक कम और कोई शॉपिंग सेंटर अधिक नजर आती है।
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आलम यह है की रेल यात्रियों को अब इस पर चलने की नाम मात्र जगह ही शेष नजर आती है, जिससे ट्रेन की भीड़भाड़ से निकल कर अपने गंतव्य की ओर शीघ्र पहुंचने की होड़ में यात्रियों ने इस स्काई वॉक से गुजरने में अब परहेज करने लगे हैं। इतना ही नही तो रेलवे स्टेशन के बाहर भी जिन जगहों को फेरिवालो से मुक्त कराया गया था. वहां पुनः फेरी की गाड़ियां पूर्ववत लगने लगी है और मनपा प्रशासन का कोई अंकुश नहीं रह गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेल प्रवासियों के लिए स्काई वॉक की कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। इस पर फेरीवालों का अवैध कब्जा हो चुका है। स्काई वॉक पर अब रेल यात्रियों को चलने की जगह नहीं बची है। इससे बहुत परेशानी होती है। नागरिकों ने तंज कसते हुए कहा कि अब तो मनपा प्रशासन को चाहिए कि इस स्काई वॉक को विधिवत शॉपिंग सेंटर घोषित कर इसका नए सिरे से उद्घाटन करा दे।
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मीरा भाईंदर नगर निगम की प्रभाग अधिकारी कांचन गायकवाड ने कहा कि मीरारोड रेलवे स्टेशन के परिसर में और स्काई वॉक पर अवैध फेरीवालों के खिलाफ नियमित कारवाई की जाती है, पिछले सप्ताह भी हमने कारवाई की थी। पुनः वहां फेरी लगाए जाने की शिकायतें आ रही है, जांच कर कारवाई की जाएगी।
मीरा भाईंदर नगर निगम पूर्व प्रभाग कमिटी सदस्य सज्जी आई पी ने कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार शैक्षणिक संस्था, धार्मिक स्थल, हॉस्पिटल आदि के 100 मीटर परिधि और मनपा मार्केट तथा रेलवे स्टेशन के 150 मीटर परिधि में फेरी लगाना प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद अवैध फेरीवालों पर कारवाई नहीं की जाती, जबकि मनपा के संबंधित अधिकारियों को जनता द्वारा चुकाए गए कर (टैक्स) से वेतन दी जाती है। मेरी मांग है की अपने कर्तव्य और अधिकार का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।