NCP में अंदरूनी कलह: विलय पर पटेल-तटकरे की नाराजगी, सुनेत्रा पवार की बढ़ी मुश्किलें
NCP Merger Controversy: राकां के दोनों गुटों के विलय को लेकर पार्टी में मतभेद गहराते जा रहे हैं। सुनेत्रा पवार के प्रयासों के बीच प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे की नाराजगी से सियासी हलचल तेज हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
सुनेत्रा पवार और प्रफुल पटेल (सौ. डिजाइन फोटो )
NCP Merger Row Patel Tatkare: राकां के अंदर चल रही खटपट का समाधान नहीं निकल पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक राकां के दोनों गुटों के विलय को लेकर पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार तैयार हैं लेकिन दो सीनियर नेता प्रफुल पटेल व सुनील तटकरे ऐसा नहीं होने देने के लिए अड़े हुए हैं।
पटेल और तटकरे को लग रहा है कि विलय के बाद पार्टी की कमान शरद पवार के हाथों में चली जाएगी और फिर उस गुट के नेताओं का वर्चस्व बढ़ जाएगा। ऐसे में हमारी अहमियत खत्म हो जाएगी।
यही वजह है कि दोनों सीनियर नेता इस प्लान से कन्नी काट रहे हैं। खास बात यह कि इससे पहले सुनेत्रा पवार के दिल्ली दौरे के दौरान पटेल तटकरे साये की तरह साथ होते थे, लेकिन इस बार उन्होंने दूरी बना ली है। इस वजह से राकां में कलह बढ़ गई है।
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Praful Patel के घर पर मीटिंग
सुनेत्रा और उनके बेटे पार्थ ने दिल्ली में प्रफुल पटेल के घर पर मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा ने राकां के दोनों गुटों के विलय को लेकर पटेल के साथ अहम चर्चा की लेकिन पटेल ने फैसले से पहले यह सुनिश्चित करने को कहा कि सिंगल राकां का नेतृत्व किस नेता के हाथ में होगा। सुनेत्रा को यह भी बताया गया कि विलय के बाद शरद पवार गुट का वर्चस्व बढ़ जाएगा। इस वजह से उनके लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
NCP में हमारी भूमिका क्या होगी?
दिल्ली में हुई मीटिंग के दौरान पटेल ने अपने अध्यक्ष से यह जानना चाहा कि विलय के बाद पार्टी में उनकी क्या भूमिका होगी। हालांकि सुनेत्रा ने पटेल को आश्वस्त किया है कि हमारे गुट के नेताओं की अहमियत बनी रहेगी।
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ऐसे में किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन पटेल व तटकरे को लग रहा है कि विलय के बाद शरद पवार के निशाने पर वे दोनों होंगे। इसकी बड़ी वजह यह है कि बड़े पवार को लगता है कि राकां को तोड़ने के पीछे इन दोनों की बड़ी भूमिका है।
