Manikarnika Ghat तोड़फोड़ पर कांग्रेस का विरोध, हर्षवर्धन सपकाल करेंगे वाराणसी दौरा
Maharashtra News: मणिकर्णिका घाट तोड़फोड़ के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल वाराणसी दौरे पर जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर आस्था से खिलवाड़ का गंभीर आरोप भी लगाया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल (सोर्सः सोशल मीडिया)
Harshvardhan Sapkal On Manikarnika Ghat: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शुक्रवार को वाराणसी का दौरा करेंगे।
यह दौरा काशी के ऐतिहासिक और पवित्र मणिकर्णिका घाट में चल रही पुनर्विकास योजना के विरोध में किया जा रहा है। सपकाल ने भाजपा सरकार पर धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
सपकाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार ने पुण्यश्लोक राजमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित मणिकर्णिका घाट को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। उनके अनुसार, यह केवल निर्माण नहीं बल्कि हिंदू धर्म की आस्था पर सीधा प्रहार है।
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मूर्ति और शिवलिंग नष्ट होने का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि घाट पर स्थापित अहिल्यादेवी होलकर की मूर्ति और शिवलिंग को भी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के बजाय सरकार उन्हें मिटाने का काम कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का शिष्टमंडल रहेगा मौजूद
वाराणसी दौरे के दौरान हर्षवर्धन सपकाल के साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे, ओबीसी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल भिगे, तथा पाटी और धनगर समाज के विभिन्न पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यह शिष्टमंडल मणिकर्णिका घाट का निरीक्षण करेगा और स्थानीय नागरिकों से संवाद करेगा।
‘विकास के नाम पर विनाश स्वीकार नहीं’
सपकाल ने स्पष्ट कहा कि मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक स्थल है। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन उसके नाम पर धार्मिक स्थलों और विरासत को नष्ट करना स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनभावनाओं की आवाज उठाती रहेगी।
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स्थानीय लोगों से संवाद पर जोर
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल घाट क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनके अनुभव और समस्याएं भी सुनेगा। पार्टी का कहना है कि जनता की सहमति और आस्था को दरकिनार कर किया गया कोई भी विकास टिकाऊ नहीं हो सकता।
