

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड की पहली सुरंग की खुदाई 183 मीटर तक पहुंची।
दूसरी टनल मशीन ‘विहार’ की तकनीकी जांच पूरी, रोजाना 5.5 मीटर खुदाई।
दिडोशी अदालत से चित्रनगरी तक 1.26 किमी फ्लाईओवर तैयार।
Mumbai Underground Tunnel Project: गोरेगांव से मुलुंड के बीच सफर आसान बनाने वाली गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) के नीचे बनाई जा रही दो सुरंगों में से पहली की खुदाई 183 मीटर तक पहुंच गई है।
वहीं, दूसरी सुरंग के लिए इस्तेमाल होने वाली टनल बोरिंग मशीन की तकनीकी जांच भी पूरी हो चुकी है। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने सोमवार को परियोजना स्थल का दौरा कर कामकाज की समीक्षा की।
परियोजना के तीसरे चरण के तहत गोरेगांव पूर्व स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी से मुलुंड पश्चिम के अमर नगर तक दो समानांतर सुरंगें बनाई जा रही हैं। प्रत्येक सुरंग करीब 5.30 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें तीन लेन होंगी।
पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘तुलसी’ को 17 अगस्त 2026 को शुरू किया गया था। इसके बाद से अब तक 183 मीटर खुदाई की जा चुकी है। फिलहाल प्रतिदिन औसतन 5.5 मीटर खुदाई हो रही है।
सुरंग को मजबूती देने के लिए अब तक 87 रिंग के आकार के ढांचे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा छह अस्थायी रिंग भी तैयार की गई हैं। दूसरी टनल बोरिंग मशीन ‘विहार’ का साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (SAT) पूरा हो गया है। इससे दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करने की दिशा में तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गति बनाए रखने और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने मशीनों, तकनीकी संसाधनों और कर्मचारियों की नियमित समीक्षा करने को कहा।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने श्रमिकों और अभियंताओं की सुरक्षा, मलबे के उचित निपटान तथा निर्माण स्थल की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इसी परियोजना के तीसरे चरण में दिडोशी अदालत से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक 1.26 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनकर तैयार हो गया है।
मुंबई बीएमसी आयुक्त ने दौरे के दौरान इस फ्लाईओवर का भी निरीक्षण किया। GMLR परियोजना पूरी होने के बाद गोरेगांव और मुलुंड के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने तथा यात्रियों का सफर आसान बनने की उम्मीद है।