मीरा रोड के बाद घाटकोपर में बवाल, BMC की अनुमति के बिना कुर्बानी पर अड़े लोग, सोसायटी में पहुंची टीम

Ghatkopar Bakrid Goat Controversy: मीरा रोड के बाद मुंबई के घाटकोपर में बकरा कुर्बानी पर भारी बवाल। बिना बीएमसी अनुमति सोसाइटी में लाए गए 25 बकरे।
Bakrid Controversy Ghatkopar
मीरा रोड के बाद अब मुंबई के घाटकोपर में 'बकरा' बवाल (फोटो क्रेडिट-X)
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Bakrid Controversy Ghatkopar: मुंबई और उसके उपनगरों में बकरीद से ठीक पहले रिहायशी सोसाइटियों के भीतर बकरों को रखने का मुद्दा अब एक बड़े कानून-व्यवस्था के संकट में तब्दील होता जा रहा है। बीएमसी के स्पष्ट नियमों के मुताबिक, किसी भी चॉल, बहुमंजिला इमारत या रिहायशी परिसर के खुले हिस्से में बिना वैध लाइसेंस और सैनिटरी परमिशन के धार्मिक पशुओं को रखना या उनका वध करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इसके बावजूद, घाटकोपर की इस सोसाइटी में रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से दो दर्जन से अधिक बकरे लाकर बांध दिए गए, जिसका सुबह होते ही हिंदू परिवारों ने तीखा विरोध शुरू कर दिया।

माहौल बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस स्टेशन की टीम सुरक्षात्मक घेरा बनाकर सोसाइटी के भीतर दाखिल हुई। जब बीएमसी के कर्मचारियों ने बकरों को गाड़ियों में लादना शुरू किया, तो माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। सोसाइटी की दर्जनों महिलाएं बीएमसी की गाड़ियों के सामने आकर खड़ी हो गईं और नारेबाजी करने लगीं। तनाव इतना बढ़ गया कि स्थानीय पुलिस को तुरंत वायरलेस संदेश भेजकर दंगा नियंत्रण पुलिस और महिला पुलिस कर्मियों की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर बुलाना पड़ा।

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने की नियमों कड़ाई से पालन करने की मांग

सोसाइटी परिसर में पहुंचे भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बीएमसी और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से सीधी बात की। सोमैया ने कहा कि मीरा रोड की घटना से सबक लेते हुए प्रशासन को मुंबई की किसी भी सोसाइटी में अवैध गतिविधियों की छूट नहीं देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जब तक आयोजकों के पास बीएमसी के देवनार बूचड़खाने या स्थानीय वार्ड ऑफिसर का लिखित अनुमति पत्र न हो, तब तक सभी बकरों को तुरंत जब्त कर सरकारी कांजीहाउस में भेजा जाए। सोमैया की मौजूदगी के दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर जुबानी तीर चले।

राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने डीजीपी और कमिश्नर को लिखा कड़ा पत्र

घाटकोपर और मीरा रोड के इन घटनाक्रमों का संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP), मुंबई पुलिस आयुक्त और पुणे महानगरपालिका आयुक्त को एक बेहद गंभीर पत्र लिखा है। मंत्री ने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि बकरीद के इस माहौल में कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक आयोजनों की आड़ में अनुचित और कानून-विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जिसका सीधा असर महाराष्ट्र की शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर पड़ रहा है।

सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने की अपील

राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने अपने आधिकारिक पत्र में पुणे और मुंबई के सार्वजनिक स्थलों का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की आड़ में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ की घटनाएं अचानक बढ़ रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन, स्थानीय नगर निगमों और स्वास्थ्य विभागों को संयुक्त रूप से प्रतिबंधात्मक और दंडात्मक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने साफ किया कि महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जो भी तत्व सामाजिक माहौल को दूषित करने का प्रयास करें, उनके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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