

Goregaon Spitting On Roti Viral Video: मुंबई जैसे महानगर में जहां लाखों लोग रोजाना बाहरी होटलों और ढाबों के खाने पर निर्भर हैं, वहां गोरेगांव ईस्ट की इस घटना ने फूड सेफ्टी और रेस्तरां की स्वच्छता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शिकायतकर्ता दीपक पवार के अनुसार, आरोपी कौसर गफ्फार शेख बिना किसी डर या झिझक के बेहद शातिराना अंदाज में आटे की लोई पर थूकता था और फिर उसे तंदूर की भट्टी के भीतर डाल देता था। यह सिलसिला लगातार चल रहा था और वही दूषित रोटियां होटल में बैठे अनजान ग्राहकों को परोसी जा रही थीं।
दीपक पवार द्वारा रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो जैसे ही स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सर्कुलेट हुआ, संतोषनगर इलाके के लोग भड़क उठे। बीती रात भारी संख्या में लोग होटल के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वनराई और गोरेगांव पुलिस स्टेशन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने से रोकते हुए उत्तेजित भीड़ को शांत कराया और मुख्य आरोपी कौसर गफ्फार को कस्टडी में लेकर थाने ले आई।
गोरेगांव पुलिस की प्राथमिक जांच और पूछताछ में यह साफ हुआ है कि आरोपी कौसर गफ्फार शेख पिछले काफी समय से मुंबई के विभिन्न होटलों में तंदूर मेकर के रूप में काम कर चुका है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या आरोपी ने यह घिनौनी हरकत किसी खास मानसिक विकृति के चलते की या इसके पीछे कोई अन्य धार्मिक या सामाजिक विद्वेष फैलाने की साजिश थी। पुलिस आरोपी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
इस पूरे मामले में स्थानीय नागरिकों ने फिश कोलीवाड़ा होटल के मालिक फैय्याज अहमद शेख को भी बराबर का दोषी ठहराया है। नागरिकों का आरोप है कि किचन और तंदूर एरिया में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे होने और खुद मालिक के मौजूद रहने के बावजूद इतने दिनों तक इस घिनौने कृत्य को नजरअंदाज किया गया। मुंबई पुलिस ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में एक आधिकारिक रिपोर्ट भेजी है, ताकि होटल की साफ-सफाई और हाइजीन मानकों की जांच कर इसके लाइसेंस को हमेशा के लिए निरस्त किया जा सके।
गोरेगांव पुलिस ने शिकायतकर्ता दीपक पवार के बयान और सौंपे गए वीडियो साक्ष्य के आधार पर आरोपी कौसर गफ्फार शेख और होटल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने आईपीसी की पुरानी धाराओं की जगह नए कानून के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने, संक्रामक बीमारी फैलाने के इरादे से लापरवाही बरतने और धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को आहत करने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल वीडियो को फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिया है ताकि तकनीकी रूप से इसकी सत्यता की पुष्टि अदालत में की जा सके।