(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Ghatkopar Redevelopment Stuck Due To Defence: भवन निर्माण के लिए एनओसी जारी करने संबंधी संशोधित दिशा-निर्देशों के बावजूद भी डिफेंस, नौसेना क्षेत्र के 500 मीटर दायरे के अंतर्गत आने वाले स्लम और पुरानी इमारतों का पुनर्निर्माण अधर में लटका हुआ है।
डिफेंस एरिया के चारों तरफ की सुरक्षा दीवार से 500 मीटर तक के दायरे में किसी भी पुनर्निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा रही है। घाटकोपर पूर्व से पश्चिम तक हजारों विकास कार्य रखड़े हुए हैं। इस मसले पर रक्षा मंत्रालय ने 2016 में संशोधित कर नए सिरे से निर्णय लेने को कहा गया, जिसके बाद डिफेंस ने सुरक्षा की दृष्टि को अपनाते हुए सुको का दरवाजा खटखटाया।
सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों पर रोक लगा दी गई। मामला अभी भी सुको में विचाराधीन है। जबकि कुछ जगहों पर 50 से 100 मीटर के बाद विकास कार्य की मंजूरी दी गई है, लेकिन कई क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के कार्य को मंजूरी नहीं दी जा रही है।
कामा लेन, किरोल खलई विलेज, नवरोजी लेन, चिराग नगर, माणिक लाल, नारायण नगर, कमानी, खोत लेन, घाटकोपर पूर्व रामजी आसार स्कूल एमजी रोड, माणिक लाल एवं राजावाड़ी में कुल मिलाकर तकरीबन 200 से ज्यादा इमारते है जो कि 80 वर्ष पुरानी है अब वह जर्जर हो चुकी है, कई इमारते गिर गई है, लोग किराए के मकानों में रहने को मजबूर है। विकासक एनओसी के बिना काम नहीं न कर पा रहा है। इन क्षेत्रों में तकरीबन 200 चाल है, 2500 से ज्यादा झोपड़ी मौजूद हैं।
घाटकोपर स्थित डिफेस और नौसेना के आसपास कई ऊंची इमारतें भी बन चुकी है, जिसके ऊपर से डिफेंस परिसर के अंदर का नजारा आसानी से देखा जा सकता है। लालबहादुर शास्त्री मार्ग पर कुर्ला कमानी के पास से श्रेयस सिनेमा तक रोड ओवर ब्रिज के निर्माण को सरकार ने मंजूरी दी है जल्द ही निर्माण कर शुरू किया जाना है। वैढूर में मोनोरेल शुरू है यह भी अतिसंवेदनशील माने जाने वाले रिफायनरी परिसर के बगल से गुजरती है। उसके बाद भी डिफेंस और नौसेना सुरक्षा का हवाला देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रही है।
डिफेंस नौसेना 66 की एनओसी के बिना कोई विकास नहीं होगा, 500 मीटर का दायरे में कोई भी निर्माण को मंजूरी नहीं मिल रही है। जबकि 2016 में रक्षा मंत्रालय ने 500 मीटर की अनिवार्यता खत्म कर दिया है। मुंबई के बहुत से जगह पर 100 से 50 मीटर के चीच भी एनओसी मिली है। घाटकोपर में क्यों नहीं मिल रही है।
– धर्मेश गिरी, स्थानीय नगरसेवक
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हमने लोकसभा 66 ने लोकसभा को उठाया था, जिसके बाद केंद्र सरकार, रच्छा मंत्रालय ने रक्षा विभाग को नए दिशा निर्देश जारी करते हुए एनओसी देने के लिये आदेश जारी किया था। लेकिन रक्षा नौसेना विभाग ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट चले गए तबसे मामला लंबित है।
– मनोज कोटक, पूर्व सांसद
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट