BMC Election 2025: भाजपा की सख्त नीति, घाटकोपर पूर्व में 40% टिकट कटने के संकेत
Maharashtra Local Body Election: घाटकोपर पूर्व में बीएमसी चुनाव से पहले टिकट कटौती, बदलता मतदाता समीकरण और ट्रैफिक-अतिक्रमण जैसी समस्याएं चुनावी माहौल को गर्मा रही हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Mumbai News In Hindi: एन वार्ड पर गौर करें तो घाटकोपर पूर्व विधानसभा में पांच पूर्व नगरसेवकों का समावेश है। भाजपा ने उत्तर पूर्व मुंबई में 40% नगरसेवकों का टिकट काटने का फैसला किया है। खराब परफार्मेस देनेवाले उम्मीदवारों से बाहर होंगे, टिकट उन उम्मीदवारों को दिया जाएगा, जो जीतने के एक्टिव व काबिल हैं और उनका जनाधार है।
इस बार यहां 3 वार्ड महिला के लिए, जबकि एक ओबीसी के लिए आरक्षित है और एक वार्ड सामान्य है। पूरे विस क्षेत्र में 2,49,405 मतदाता हैं, जिसमें महिला 1,19,485 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,20,899 है। 2017 के चुनाव में भाजपा 2 सीटें, 1 मनसे, 1 अविभाजित शिवसेना, तो 1 रांका के खाते में गई थी।
पिछली बार 132 वार्ड से भाजपा के टिकट पर चुने गए पराग शाह वर्तमान में विधायक हैं। यह सीट चर्चा का विषय बनी हुई है कि यहां पर कौन चुनाव लड़ेगा। यहां पार्टियों नए चेहरों को मौका देने पर विचार युवा कर रही हैं।
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इसके लिए पार्टी प्रभारी उन उम्मीदवारों पर दांव लगाने की सोच रही हैं, जो पार्टी को जीत दिला सकें, इसी तरह से 131 वार्ड क्रमांक में मतदाताओं की संख्या 62,014 के ऊपर पहुंच गई है। यह भी एक चर्चा का विषय बना है कि इतने मतदाता आखिर यहां आए, तो कैसे आए, यहां पर राकांपा शरद पवार की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव निवर्तमान नगरसेविका हैं।
इस विस क्षेत्र में अक्सर माना जाता है कि यह गुजराती बाहुल्य इलाका है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। क्षेत्र में गुजराती वोटर तकरीबन 28.50% है, मराठी सवर्णं एवं मराठी दलित वोटरों की संख्या 42.50% है। वहीं हिंदी भाषी 10%, तो मुस्लिम वोटरों की नसंख्या 5.32 % है।
जबकि दक्षिण भारतीयों की संख्या तकरीबन 6 % है। बाकी अन्य भाषी वोटरों की संख्या 2% तक ही सीमित है। पूरे विस क्षेत्र में विकास कामों को लेकर देखा जाए, तो कामराजा को नगर में क्लस्टर डेवलपमेंट का काम शुरू है। राजावाड़ी अस्पताल की नई इमारत का भूमिपूजन किया गया है, जिसमें 1020 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा।
कहीं भूमिपूजन तो कहीं प्रतीक्षा
घाटकोपर की पुरानी इमारतों का निर्माण तेजी से शुरू है। घाटकोप पूर्व से ही मेट्रो का काम शुरू है। घाटकोपर पूर्व में बस डिपो से लेक घाटकोपर वेस्ट के लिए फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यहां पर ट्रैफिक जाम, रास्ते पर अतिक्रमण से लोगों को हो रही भारी मुसीबत की है।
मेट्रो और आरओबी का काम बहुत धीमी गति से चलने से सड़कों पर जाम लगा रहता है। सड़कों और फुटपाथ पर अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आई है, जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है। घाटकोपर पूर्व में ही कामराज नगर में क्लस्टर डेवलपमेंट के अंतर्गत 17000 झोपड़ों के लिये आवास बनाए जा रहे है। लेकिन बगल में ही रेलवे पुलिस कॉलोनी जर्जर हालत में विकास के लिए प्रतीक्षारत है।
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ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण प्रमुख समस्या
ग्राम सीजीएस कॉलोनी, एमजी रोड, रेलवे क्षेत्र के प्रमुख इलाकों में कामराज नगर, माता रमाबाई आंबेडकर नगर, लक्ष्मी नगर, नायडू कॉलोनी, गारोडिया नगर, राजावाडी चितरंजन नगर, किरोल गांद, खलई गांव, नित्यानंद नगर, पंतनगर, पुलिस कॉलोनी, महात्मा फुले नगर, रतीलाल मेहता मार्ग, पैथर नगर, विक्रोली फिरोज शाह नगर, गोदरेज रोड गोदरेज कॉलोनी, गोदरेज खाड़ी किनारे एक प्रमुख इलाके हैं, जहां पर मिली-जुली आबादी के साथ स्लम से लेकर ऊंचे-ऊचे टावर भी बने हुए हैं। यहां आज भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं की दरकार नजर आ रही है। ऊंचे-ऊंचे टावर तो मूलभूत सुविधाओं से परिपूर्ण है, लेकिन स्लम में रहने वालों को आज भी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है, सफाई, शौचालय, दवाखाना और पानी की समस्या आम बात हो चुकी है। तो मौजूदा समय में ट्रैफिक जाम रास्ते पर अतिक्रमण यहां की प्रमुख समस्या बनकर सामने आई है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए दयाशंकर पाण्डेय की रिपोर्ट
