मुंबई में फर्जी माथाडी सिंडिकेट का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार; MCOCA के तहत कार्रवाई, 4 आरोपी फरार

Mumbai Crime News: अंधेरी और फ़िल्म सिटी में माथाडी यूनियन की आड़ में रंगदारी वसूलने वाले फर्जी सिंडिकेट का एमआईडीसी पुलिस ने पर्दाफ़ाश किया है। मकोका के तहत 7 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
Fake Mathadi syndicate busted in Andheri-Film City; 7 arrested under MCOCA
अंधेरी फ़िल्म सिटी, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Andheri Film City Protection Money Extortion Case: मुंबई के अंधेरी पूर्व और आसपास के व्यावसायिक इलाकों में माथाडी यूनियन की आड़ में कथित तौर पर वसूली करने वाले गिरोह के खिलाफ एमआईडीसी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित सरगना कन्नन चिन्नादुरई वन्नियार उर्फ ‘बड़ा कन्ना’ समेत चार आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत कार्रवाई की गई है।

ट्रेड स्टार बिल्डिंग में सामने आया मामला

पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त को मुंबई शहर के अंधेरी पूर्व स्थित ट्रेड स्टार बिल्डिंग में एक निर्माणाधीन कार्यालय को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि कुछ लोग वहां पहुंचे और कार्यालय मालिक से कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी की मांग की। मामले में असली माथाडी मजदूरों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। पुलिस जांच के बाद इसे संगठित वसूली नेटवर्क से जोड़कर देखा गया।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों में पूरन अरुण सिंह उर्फ चड्डा समेत सात लोगों की पहचान की है। पुलिस का आरोप है कि ये लोग माथाडी यूनियन की आड़ में कारोबारियों, डेवलपर्स और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों पर दबाव बनाते थे।

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MCOCA के तहत कार्रवाई

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी मिली। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से मामले में MCOCA की धाराएं जोड़ी गईं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और गंभीर मारपीट जैसे मामलों से जुड़े पुराने प्रकरण भी दर्ज हैं।

4 आरोपी अब भी फरार

पुलिस ने कथित गिरोह के चार सदस्यों को अभी गिरफ्तार नहीं किया है। इनमें कन्नन चिन्नादुरई वन्नियार उर्फ ‘बड़ा कन्ना’ को पुलिस कथित सरगना बता रही है। जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

कारोबारियों से वसूली का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गिरोह पर अंधेरी पूर्व, एमआईडीसी और आसपास के इलाकों में कारोबारियों तथा निर्माण कंपनियों से ‘वराई’ या प्रोटेक्शन मनी मांगने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कथित गिरोह हथियारों का इस्तेमाल कर दबाव बनाता था और रकम नहीं देने वालों को काम में बाधा डालने की कोशिश करता था।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वैध माथाडी यूनियन की अनुमति या जानकारी के बिना उसके नाम का कथित दुरुपयोग कर रहा था। अब पुलिस मामले के वित्तीय लेन-देन, फरार आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

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