Kamathipura Redevelopment: म्हाडा और डेवलपर में करार, दिवाली से शुरू होगा 34 एकड़ क्लस्टर प्रोजेक्ट का निर्माण

Mumbai MHADA Project: म्हाडा के मुंबई मरम्मत मंडल ने कमाठीपुरा के 34 एकड़ क्लस्टर पुनर्विकास के लिए डेवलपर्स के साथ सीएंडडीए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। काम दिवाली से शुरू होने की उम्मीद है।
Kamathipura Redevelopment: Agreement between MHADA and developer
म्हाडा कमाठीपुरा क्लस्टर प्रोजेक्ट सोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Kamathipura Redevelopment MHADA 34 Acre Cluster Project: मुंबई के ऐतिहासिक कमाठीपुरा इलाके के समूह पुनर्विकास प्रोजेक्ट को अमल में लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरण (म्हाडा) की मुंबई इमारत मरम्मत व पुनर्रचना मंडल (एमबीआरआरबी) ने भागीरथी हाउसिंग प्रा. लि. और माथी डेवलपर्स के साथ कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट एजेंसी (सी.एंड.डी.ए) अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अनुबंध के साथ ही योजना के स्तर पर चल रहा प्रोजेक्ट को असल में अमल जामा पहनाने का मार्ग खुल गया है।

आधुनिक व टिकाऊ परिसर बनेगा दावा किया जा रहा है कि इसी साल दिवाली के शुभ मुहूर्त पर इसका काम शुरू किया जाएगा। बांद्रा स्थित म्हाडा मुख्यालय में हुए समारोह में म्हाडा के उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल की मौजूदगी में मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर और विकासक कंपनी के निदेशक अतुल गोयल ने अनुबंध पर दस्तखत किए। इस मौके पर म्हाडा और मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित विभागों के अफसर तथा दोनों विकासक कंपनियों के निदेशक व प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस मौके पर संजीव जायसवाल ने कहा कि सी.एंड.डी.ए अनुबंध के साथ कमाठीपुरा का पुनर्विकास योजना से सीधे अमल की स्थिति में पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आधुनिक जीवन देना इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद है तथा कमाठीपुरा की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखते हुए वहां आधुनिक व टिकाऊ परिसर बनाया जाएगा।

Kamathipura Redevelopment: Agreement between MHADA and developer
Pune-Mumbai Expressway: कनेक्टिंग लिंक पर रॉकफॉल प्रोटेक्शन का काम नवंबर तक होगा पूरा, अब तक 30% काम

घनी आबादी : जरूरी है क्लस्टर विकास

कमाठीपुरा क्षेत्र में करीब सौ साल पुरानी इमारते, घनी आबादी, तंग गलियां और अपर्याप्त बुनियादी सुविधाएं है। इसी वजह से अलग-अलग इमारतों के बजाय पूरे इलाके का एक साथ और नियोजित तरीके से पुनर्विकास करने का फैसला लिया गया, यह प्रोजेक्ट करीब 34 एकड़ जमीन पर गली नंबर 1 से 15 तक फैला है।

इसमें करीब 475 उपकरप्राप्त और 259 गैर-उपकरप्राप्त इमारतें शामिल हैं। इस इलाके में करीब 8,001 रिहायशी व व्यावसायिक किरायेदार हैं, जिनमें 6,625 रिहायशी और 1,376 गैर-रिहायशी किरायेदार शामिल है। करीब 800 जमीन मालिक भी इससे जुड़े हैं।

ऐसी है पुनर्वास की योजना

पात्र रिहायशी किरायेदारों को 500 वर्ग फुट के फ्लैट दिए जाएंगे। व्यावसायिक गाला धारकों के पुनर्वास का भी इंतजाम किया गया है। इस प्रोजेक्ट से मुंबई म्हाडा को करीब 44,000 वर्ग मीटर अतिरिक्त घर मिलेंगे, जिनसे करीब 900 नए फ्लैट बनाए जा सकेंगे।

  • 900 अतिरिक्त घर बनाने का प्रस्ताव

  • म्हाडा के लिए करीब 900 अतिरिक्त घर बनाने का प्रस्ताव।

  • दिवाली के शुभ अवसर पर परियोजना का प्रत्यक्ष काम शुरू करने की योजना।

किरायेदारों को आर्थिक राहत

13 अगस्त 2026 को हुई बैठक में रिहायशी किरायेदारों को दो साल का अग्रिम किराया, अगले एक साल के चेक और स्थानांतरण खर्च के लिए 25,000 रुपए देने को मंजूरी दी गई।

गैर-रिहायशी गाला धारकों को जगह के हिसाब से 25,000 से 35,000 रुपए प्रति माह तक किराया मिलेगा। जमीन मालिकों को भी 25,000 रुपए प्रति माह किराया दिया जाएगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com