

Elphinston Road Construction: एल्फिंस्टन रोड रेलवे पुल के पश्चिमी हिस्से को हटाने की तैयारी गति पकड़ रही है। बेस्टर्न रेलवे और महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की टीम ने शुक्रवार दोपहर स्थल निरीक्षण कर योजनाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम बढ़ाया।
दोनों एजेंसियों के बीच वे लीव चार्जेस को लेकर चल रहा विवाद अब पुल के ध्वस्तीकरण और शिवडी-वर्ली एलिवेटेड कॉरिडोर के काम को प्रभावित नहीं करेगा। अगले हफ्ते 'गो-अहेड' आदेश जारी होने की संभावना है।
गौरतलब है कि अक्टूबर में वेस्टर्न रेलवे और एमआरआईडीसी के बीच शुल्क लेकर मतभेद सामने आए थे। जहां सेंट्रल रेलवे ने 10 करोड़ रुपये का शुल्क तय किया। वहीं वेस्टर्न रेलवे ने 59.14 करोड़ रुपये की मांग की है।
यह अंतर विवाद का कारण बना हुआ है, पर दोनों पक्ष को फिलहाल काम न रोकने के लिए सहमत नजर आ रहे हैं। कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा एमएमआरडीए बना रहा है। लेकिन एलफिस्टन रोड पर रेलवे लाइनों के ऊपर बनने वाला हिस्सा एमआरआईडीसी के जिम्मे है।
जो रेलवे मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार का संयुक्त उपक्रम है। एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, गुरुवार को दोनों एजेंसियों ने संयुक्त निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया।
पश्चिम रेलवे एमआरआईडीसी के बीच ब्रिज को तोड़ने और पुनर्निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया पर समन्वय जारी है। इस संबंध में आगे की सभी आवश्यक अनुमतियां और औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जा रही है।
-विनीत अभिषेक, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम रेलवे
रेलवे हिस्से की कुल लंबाई 132 मीटर है और इसके लिए 78 ब्लॉक (प्रत्येक 4 घंटे के निर्धारित किए गए हैं। रेलवे हिस्से की लागत 167।35 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पूरा शिवडी वर्ती एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट 1,286 करोड़ रुपये में बन रहा है।
एल्फिस्टन रोड वाला हिस्सा दो तल्ला संरचना के रूप में तैयार होगा। नीचे 4 लेन की सड़क और पैदल मार्ग ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे, जबकि ऊपर की चार लेन दोनों समुद्री लिंक को जोड़ने का काम करेंगी, रेलवे खंड के लिए ओपन वेब गर्डर' डिजाइन की अंतिम रूप दिया गया है।
नवभारत लाइव के लिए मुंबई से अभिषेक पाठक की रिपोर्ट