‘आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ…’ स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को बताया शोले का जेलर, दी खुली चुनौती
Eknath Shinde Slams Uddhav Thackeray: स्थापना दिवस पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर अब तक का सबसे बड़ा फिल्मी हमला। शोले के जेलर का उदाहरण देते हुए शिंदे ने दी अकेले पड़ जाने की चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
शोले के जैलर और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Eknath Shinde Slams Uddhav Thackeray Sholay Jailer Comment: शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर मुंबई की सड़कों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक केवल एक ही चर्चा रही एकनाथ शिंदे का वह फिल्मी तंज जिसने उद्धव ठाकरे की घेराबंदी कर दी। गोरेगांव के नेस्को सेंटर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शोले फिल्म के मशहूर किरदार असरानी (जेलर) का उदाहरण देते हुए उद्धव ठाकरे पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला।
शिंदे ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की हालत आज उस जेलर की तरह हो गई है जो कहता है, आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ… और बाकी मेरे पीछे आओ, लेकिन जब वह पीछे मुड़कर देखता है तो वहां कोई नहीं बचता। शिंदे का यह बयान केवल एक मजाक नहीं, बल्कि एक सीधी चेतावनी थी कि उद्धव ठाकरे अब अपनी पार्टी में अकेले रह गए हैं। शिंदे ने दावा किया कि उनके अहंकारी स्वभाव के कारण सभी उन्हें छोड़ कर जा रहे हैं।
ऑपरेशन टाइगर’ का सफल प्रहार
इस तंज के पीछे शिंदे का आत्मविश्वास उनके ऑपरेशन टाइगर की सफलता से उपजा था। उन्होंने मंच से संकेत भी दिये कि उद्धव गुट के 6 लोकसभा सांसद अब उनके साथ शामिल हो सकते हैं। शिंदे ने कटाक्ष किया कि जिनके पैरों तले से जमीन खिसक चुकी है, वे आत्मचिंतन करने के बजाय अपने सांसदों को गालियां दे रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, बाघ की खाल पहनने से कोई भेड़िया शेर नहीं बन जाता।
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ठाकरे का पलटवार और इस्तीफे का दांव
दूसरी ओर, सायन के षणमुखानंद हॉल में उद्धव ठाकरे ने इसे ऑपरेशन टाइगर नहीं बल्कि ऑपरेशन गोल्ड (चोरी और डकैती) करार दिया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि शिवसैनिकों को उन पर अविश्वास है, तो वह पक्ष प्रमुख का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह अपनी सोने जैसी शिवसेना किसी गद्दार या चोर के हाथ में नहीं सौंपेंगे।
कंपाउंडर’ बनाम सर्जन की जंग
जुबानी जंग यहीं नहीं रुकी। जब संजय राउत ने विद्रोहियों पर 50 करोड़ लेने का आरोप लगाया, तो शिंदे ने उन्हें कंपाउंडर कहते हुए मजाक उड़ाया। शिंदे ने गर्व से कहा, मैं डॉक्टर श्रीकांत शिंदे का पिता हूँ और असली ऑपरेशन करना जानता हूँ। ऑपरेशन करने के लिए शेर का जिगर चाहिए।
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कुल मिलाकर, स्थापना दिवस का यह कार्यक्रम एक शक्ति प्रदर्शन से बढ़कर एक ऐसी आरोप-प्रत्यारोप स्पर्धा बन गया, जहाँ शिंदे ने उद्धव को अकेले पड़ जाने की गंभीर चेतावनी दे डाली है। अब देखना यह है कि क्या ‘घायल टाइगर’ का यह भावनात्मक दांव आगामी चुनावों में शिंदे के ऑपरेशन टाइगर पर भारी पड़ेगा।
