हिंदी सभी भारतीय भाषाओं की सखी, राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन में बोले एकनाथ शिंदे

Eknath Shinde on Hindi: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नवी मुंबई में राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन में कहा कि हिंदी किसी भारतीय भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि सभी भाषाओं को जोड़ने वाली ‘सखी’ है।
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राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Navi Mumbai National Official Language Conference: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि हिंदी किसी भी भारतीय भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि देश की सभी भाषाओं को जोड़ने वाली ‘सखी’ है। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ क्षेत्रीय भाषाओं के सम्मान और गौरव को बनाए रखना ही भारत की भाषाई विविधता में एकता की वास्तविक ताकत है। वे नवी मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस 2026 और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अमित शाह का स्वागत

डिप्टी सीएम शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पावन भूमि महाराष्ट्र में राष्ट्रीय स्तर के हिंदी दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उल्लेख करते हुए गृहमंत्री अमित शाह का महाराष्ट्र की ओर से स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बंडी संजय कुमार, सांसद नरेश म्हस्के सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और राजभाषा पुरस्कार प्राप्त हस्तियां मौजूद रहीं।

मराठी हिंदी का अटूट संबंध

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मराठी और हिंदी देवनागरी लिपि के माध्यम से एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी भाषाएं हैं। संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और संत नामदेव की विचारधारा ने महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश को भक्ति और सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधा। उन्होंने कहा कि संत नामदेव की रचनाओं का प्रभाव पंजाब तक पहुंचा और गुरु ग्रंथ साहिब में भी उनकी रचनाओं की उपस्थिति भारतीय भाषाओं के सदियों पुराने सांस्कृतिक संवाद का प्रमाण है।

सभी भारतीय भाषाएं बढ़ें

उन्होंने कहा कि कबीर, तुलसीदास और मीराबाई से लेकर आधुनिक साहित्य तक हिंदी ने भारतीय संस्कृति और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजभाषा हिंदी का विस्तार किसी प्रांतीय भाषा का स्थान लेने के लिए नहीं, बल्कि सभी भारतीय भाषाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए होना चाहिए।

शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र को मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने पर गर्व है और राज्य ने हमेशा हिंदी समेत सभी भाषाओं व संस्कृतियों का सम्मान किया है। उन्होंने सरकारी कामकाज में भारतीय भाषाओं के अधिकाधिक इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी का प्रयोग विज्ञान, तकनीक, न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन में भी बढ़ना चाहिए। इससे शासन और नागरिकों के बीच संवाद अधिक सहज और प्रभावी होगा। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के निर्णय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की सराहना की। शिंदे ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र आर्थिक विकास का इंजन है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महाराष्ट्र की भूमिका अहम होगी।

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राज्य की प्रगति में योगदान

उन्होंने महाराष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में हिंदी भाषी नागरिकों के योगदान की सराहना करते हुए उनसे राज्य और राष्ट्र के विकास में इसी तरह योगदान जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में डीसीएम शिंदे ने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं।