चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrashekhar Bawankule On Eknath Shinde: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को लेकर बवाल शुरू हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात के बीच कथित बातचीत के चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने शिंदे का बचाव करते हुए पलटवार किया है।
शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंजलि दमानिया ने दावा किया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर अशोक खरात का CDR प्राप्त हुआ है। दमानिया के अनुसार, “उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अशोक खरात के बीच कम से कम 17 बार फोन पर बातचीत हुई। इनमें से सबसे लंबी बातचीत 21 मिनट तक चली थी।”
दमानिया ने केवल शिंदे ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को भी घेरे में लिया। उन्होंने दावा किया कि CDR के मुताबिक रुपाली चाकणकर और अशोक खरात की सबसे ज्यादा 177 बार बातचीत हुई। सुनील तटकरे और चंद्रकांत पाटिल की 8-8 बार बात हुई। साथ ही आशीष शेलार की एक बार फोन कॉल का रिकॉर्ड मिला है। दमानिया ने यह भी बताया कि खरात को ओमान, यूएई, कतर और वर्जिन आइलैंड्स जैसे देशों से भी कॉल आए थे।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने शिंदे का बचाव किया। उन्होंने कहा कि किसी सार्वजनिक जीवन में रहने वाले व्यक्ति को फोन करना या उससे मिलना कोई अपराध नहीं है। बावनकुले ने तर्क दिया कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि किसने किसे फोन किया या कौन किससे मिला। सवाल यह है कि क्या उनके बीच कोई वित्तीय लेन-देन हुआ है? जब तक कोई आर्थिक सांठगांठ साबित नहीं होती, ऐसे आरोपों का कोई मतलब नहीं है।
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अशोक खरात एक स्वयंभू बाबा है जिसे मार्च में एक विवाहित महिला के साथ तीन साल तक बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ अब तक कुल 8 FIR दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर उसकी कई दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें वायरल हुई थीं, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में एकनाथ शिंदे का उसके मंदिर जाना भी शामिल था।