राहुल गांधी पर बरसे Chandrashekhar Bawankule, बोले- 'वंदे मातरम्' का अर्थ नहीं समझते, संस्कारों की है कमी

Chandrashekhar Bawankule Rahul Gandhi: चंद्रशेखर बावनकुले ने राहुल गांधी पर साधा निशाना। महाराष्ट्र सरकार ने युद्ध के खतरे को देखते हुए रेडी रेकनर दरों को स्थिर रखने का लिया बड़ा फैसला।
Chandrashekhar Bawankule Rahul Gandhi
Chandrashekhar Bawankule Rahul Gandhi (फोटो क्रेडिट-X)
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Chandrashekhar Bawankule on Vande Mataram: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान के प्रति कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित व्यवहार को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है। बावनकुले ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राहुल गांधी को राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति कोई संस्कार नहीं है और वे 'वंदे मातरम्' का अर्थ तक नहीं समझते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने न कभी इसे पढ़ा है और न ही समझा है, वे इसकी चार पंक्तियां भी सही ढंग से नहीं बोल सकते। बावनकुले का यह बयान तब आया है जब राज्य में आगामी चुनावों और वैश्विक तनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज है।

बावनकुले ने कहा कि राहुल गांधी को एक-एक शब्द का अर्थ समझना होगा कि 'वंदे मातरम्' भारत की अस्मिता के लिए क्या मायने रखता है। उनके अनुसार, ऐसी हरकतें केवल अज्ञानता के कारण की जाती हैं, जो एक राष्ट्रीय नेता के लिए शोभनीय नहीं हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध और रेडी रेकनर दरों पर बड़ा फैसला

राजनीतिक हमलों के बीच मंत्री बावनकुले ने महाराष्ट्र सरकार के एक महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय की भी जानकारी दी। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए राज्य सरकार ने इस साल रेडी रेकनर (Ready Reckoner) दरों में कोई बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया है। सरकार ने संपत्ति के लेन-देन और अन्य विकास कार्यों के लिए 2025-26 की दरों को ही यथावत रखने का निर्णय लिया है, ताकि जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

नगरपालिका और कॉर्पोरेशन के डेवलपमेंट प्लान को राहत

सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा जहाँ हाल ही में नए डेवलपमेंट प्लान (DP) को मंजूरी दी गई है। बावनकुले ने बताया कि नगर पालिका, नगर पंचायत और नगर कॉर्पोरेशन के विकास कार्यों में जो बदलाव हुए हैं, उनमें भी पुराने रेट ही लागू होंगे। इससे न केवल रियल एस्टेट सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि उन आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी जो अपने घर या संपत्ति का पंजीकरण कराना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक संकट का असर स्थानीय विकास और बुनियादी ढांचे की लागत पर न पड़े।

महाराष्ट्र में 'माइक्रो जोनिंग' प्रक्रिया की शुरुआत

राजस्व विभाग ने पारदर्शिता लाने के लिए पूरे महाराष्ट्र में 'माइक्रो जोनिंग' (Micro Zoning) प्रक्रिया शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंत्री ने बताया कि मुंबई, पुणे, ठाणे, नागपुर और संभाजीनगर जैसे बड़े शहरों में अक्सर एक ही इलाके के अलग-अलग प्लॉट्स के रेट में विसंगतियां होती हैं। माइक्रो जोनिंग के जरिए हर प्लॉट का सटीक मूल्यांकन किया जाएगा और उस पर सही रेट लगाया जाएगा। अगले तीन वर्षों में पूरे महाराष्ट्र को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जाएगा, जिससे रेडी रेकनर की गलतियां सुधरेंगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

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