मुंबई के गोरेगांव में ED का बड़ा एक्शन, जयेश टन्ना की 41 करोड़ की संपत्ति जब्त; जानें क्या है पूरा मामला
Goregaon Pearl Project Scam: मुंबई के गोरेगांव में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डर जयेश टन्ना की 41.70 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। खरीदारों से करोड़ों की ठगी के मामले में यह बड़ा एक्शन है।
- Written By: आकाश मसने
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Jayesh Tanna Property Seized: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ एक और बड़ी स्ट्राइक की है। गोरेगांव इलाके में स्थित ‘गोरेगांव पर्ल सीएचएस प्रोजेक्ट’ (Goregaon Pearl CHS Project) पर कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने 41.70 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जब्त संपत्तियों में तैयार और आधे बने फ्लैट्स, दुकानें और ऑफिस स्पेस शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साई सिद्धि डेवलपर्स और उसके मुख्य पार्टनर जयेश टन्ना से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि जयेश टन्ना ने गोरेगांव में पुनर्विकास के नाम पर आम लोगों को लुभावने सपने दिखाए। कई मध्यमवर्गीय परिवारों ने अपनी जमा-पूंजी इन फ्लैट्स और दुकानों को खरीदने में लगा दी। खरीदारों ने या तो पूरा भुगतान कर दिया था या बड़ी किश्तें चुका दी थीं।
लेकिन, जैसे ही पैसे बिल्डर के पास पहुंचे, खेल शुरू हो गया। न तो खरीदारों को उनके घरों का कब्जा मिला और न ही निवेश किया गया पैसा वापस आया। मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर ईडी ने पीएमएलए (PMLA) के तहत जांच शुरू की थी।
सम्बंधित ख़बरें
महिलाएं आखिर सुरक्षित कहां? काशी-नागपुर ट्रेन में बदसलूकी से यात्रिय आक्रोशीत, सुरक्षा के दावों की खुली पोल
मुंबई में 99 साल की लीज वाली जमीनों पर ऐतिहासिक फैसला, स्टांप ड्यूटी घटी, फ्री-होल्ड के लिए 60% सहमति ही काफी
दिनभर बादलों की लुकाछिपी और देर रात तक बरसती रहीं बूंदें; नागपुर में दर्ज हुई 21.2 मिमी बारिश, मौसम हुआ सुहाना
महाराष्ट्र में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में अश्लीलता पर लगेगी रोक, विधानसभा ने मंजूर किया नया कानून
पैसे का डायवर्जन और निजी ऐश-ओ-आराम
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि जयेश टन्ना ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के बजाय, खरीदारों से मिले करीब ₹47.51 करोड़ को अपने निजी फायदे के लिए अन्य जगहों पर डाइवर्ट कर दिया। फंड के इस हेरफेर की वजह से प्रोजेक्ट अधर में लटक गया और मासूम निवेशक सड़क पर आ गए। एजेंसी ने इस राशि को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध से अर्जित आय) करार दिया है।
यह भी पढ़ें:- रुपाली चाकणकर गंवाएंगी अपना आखिरी पद? NCP महिला प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हो सकती है छुट्टी
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
जयेश टन्ना और साई ग्रुप पर ईडी का यह दूसरा बड़ा प्रहार है। इससे पहले 5 मार्च 2025 को भी ईडी ने टन्ना और उनके परिवार की 35.89 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें विदेश स्थित संपत्तियां भी शामिल थीं। ताजा कार्रवाई के बाद अब तक जब्त कुल संपत्ति का आंकड़ा काफी बढ़ गया है। फिलहाल, प्रवर्तन निदेशालय मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि अन्य संदिग्धों और फंड ट्रेल का पता लगाया जा सके।
