रुपाली चाकणकर गंवाएंगी अपना आखिरी पद? NCP महिला प्रदेश अध्यक्ष पद से भी हो सकती है छुट्टी

Rupali Chakankar News: अशोक खरात विवाद में फंसी रुपाली चाकणकर की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। महिला आयोग के बाद अब एनसीपी महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से भी उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
NCP State Women's President Rupali Chakankar
रुपाली चाकणकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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NCP State Women's President Rupali Chakankar: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक स्वयंभू बाबा और एक हाई-प्रोफाइल राजनेता के बीच के संबंधों ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। नासिक के तथाकथित बाबा अशोक खरात के साथ वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद रुपाली चाकणकर की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद अब उन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के महिला प्रदेशाध्यक्ष पद को भी छोड़ने का भारी दबाव है।

NCP विधायकों ने खोला मोर्चा

हाल ही में हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में रुपाली चाकणकर के भविष्य को लेकर तीखी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूद आधे से ज्यादा विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि पार्टी को अपनी छवि बेदाग रखनी है, तो चाकणकर को संगठन के पदों से भी मुक्त करना अनिवार्य है। विधायकों का तर्क है कि इस विवाद से पार्टी के महिला कैडर और आम जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है।

वीडियो जिसने उड़ा दी नींद

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर यौन शोषण मामले में गिरफ्तार अशोक खरात और रुपाली चाकणकर के कुछ वीडियो और फोटो सामने आए। इन वीडियो में कथित तौर पर चाकणकर को बाबा खरात के पैर धोते हुए देखा गया। एक महिला आयोग की अध्यक्ष, जिसका काम महिलाओं को सशक्त बनाना और रूढ़ियों के खिलाफ लड़ना है, का इस तरह 'पाखंडी बाबा' के सामने नतमस्तक होना विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार बन गया। विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया और चाकणकर पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। दबाव इतना बढ़ा कि उन्हें महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा।

अशोक खरात कौन है?

अशोक खरात खुद को एक आध्यात्मिक गुरु बताता है, लेकिन पिछले कुछ समय से वह अपने विवादित दावों और जीवनशैली के कारण जांच के घेरे में है। चाकणकर के साथ उसकी नजदीकियों ने न केवल उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि महाराष्ट्र की प्रगतिशील राजनीति पर भी एक धब्बा लगा दिया है।

क्या होगा अगला कदम?

रुपाली चाकणकर अभी भी एनसीपी की महिला प्रदेशाध्यक्ष बनी हुई हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व अब "वेट एंड वॉच" की स्थिति में है। यदि विधायकों का दबाव इसी तरह बना रहा, तो संभव है कि अगले 24 से 48 घंटों में चाकणकर को इस पद से भी हाथ धोना पड़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकरण ने चाकणकर के राजनीतिक करियर पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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