बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की कार्रवाई, 84 लाख का सोना और एफडी जब्त

Enforcement Directorate ने लिवे लॉजिस्टिक्स बैंक धोखाधड़ी मामले में मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में छापेमारी कर 51.81 लाख के एफडी-फंड फ्रीज किए और 84 लाख रुपये का सोना जब्त किया।
Mumbai ED Office
मुंबई ईडी ऑफिस (सौ. सोशल मीडिया )
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ED Action On Live Logistics Limited: ईडी ने लिवे लॉजिस्टिक्स लिमिटेड से जुड़े एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में मनी लॉनडंग अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी के अनुसार, इन तलाशी के दौरान 51।81 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड्स को फ्रीज किया गया, साथ ही 84 लाख रुपये मूल्य के सोने के सिक्के और एक सोने की इंट जब्त की गई। अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए।

ईडी की जांच सीबीआई की बैंकिंग सिक्योरिटी एंड फ्रॉड ब्रांच मुंबई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है। यह एफआईआर बैंक ऑफ इंडिया की एसेट रिकवरी मैनेजमेंट शाखा के उप महाप्रबंधक राकेश कुमार गर्ग द्वारा 14 सितंबर 2022 को दाखिल की गई लिखित शिकायत पर आधारित थी।

साजिश रचकर बैंकों को दिया धोखा

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि लिये लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, उसके निदेशको, गारंटरों और कई अज्ञात लोक सेवकों ने 2013 से 2016 के बीब आपराधिक साजिश रचकर बैंक ऑफ इंडिया यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और आंध्रा बैंक (अब यूनियन बैंक) के इस बैंक संघ (कसैर्टियम) को धोखा दिया।

कंपनी ने इस कंसोर्टियम से 167.50 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा प्राप्त की थी और धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग के माध्यम से 173.18 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया कंपनी ने धनराशि को लिये मैनेजमेंट प्रा लि, लिवे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा लि, लिये मैनपावर ग्रा. लि. और लिवे फ्लीट मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा. लि. जैसी अपनी सहयोगी कंपनियों की ट्रांसफर कर के हेराफेरी की।

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